सुल्तानपुर लोधी | पिछले 20 दिनों से आहली कलां बांध को बचाने के लिए सेवा में जुटे श्रद्धालु और स्थानीय समाजसेवी अब प्रकृति के सामने बेबस नजर आ रहे हैं। लगातार हो रही भारी बारिश और पौंग बांध से छोड़े जा रहे पानी ने ब्यास नदी का स्तर रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
श्रद्धालु “वाहेगुरु वाहेगुरु” का जाप करते हुए बांध को बचाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। बांध के कई हिस्सों में दरारें पड़ चुकी हैं और नदी का तेज बहाव खतरे को बढ़ा रहा है।
सरपंच शमिंदर सिंह संधू, रशपाल सिंह संधू और करणजीत आहली ने बताया कि बांध की सुरक्षा पर पूरे इलाके की आशा टिकी हुई है। उन्होंने कहा, “अगर बांध सलामत नहीं रहा, तो बाढ़ से हलके के लोगों को भारी नुकसान होगा। सेवा करने वालों की कोई कमी नहीं, लेकिन कुदरत ही चाहे तो कौन रोक सकता है।”
किसान नेता परमजीत सिंह बाऊपुर और कुलदीप सिंह सांगरा ने कहा कि सरकारी मदद केवल आंकड़ों में है, जबकि वास्तविकता बहुत कठिन है। बाढ़ प्रभावित लोग खुले शिविरों में रहकर अपनी जान बचा रहे हैं और फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है।
संतों, धार्मिक संस्थाओं और समाजसेवी संगठनों ने लगातार लंगर और राहत सामग्री पहुंचाकर प्रभावित लोगों की मदद की। उनके सहयोग से स्थानीय लोग मुश्किल समय में राहत महसूस कर रहे हैं।