जम्मू-कश्मीर | जम्मू-कश्मीर में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने व्यापक तबाही मचा दी है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन, बादल फटना और सड़क धंसने जैसी घटनाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन, 9 श्रद्धालुओं की मौत
वैष्णो देवी के अर्धकुमारी क्षेत्र में भूस्खलन के दौरान 9 लोगों की जान चली गई और 21 लोग घायल हो गए। सभी घायलों को कटरा के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में भर्ती किया गया है। हादसा तब हुआ जब श्रद्धालु दर्शन कर लौट रहे थे। इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास यह आपदा सामने आई, जो अर्धकुमारी और भवन के बीच पड़ता है। एसडीआरएफ, पुलिस और रेस्क्यू टीमें राहत कार्य में जुटी हुई हैं।
जम्मू शहर में सड़क धंसने से वाहन नदी में गिरे
जम्मू शहर के तवी नदी के पास एक पुराने पुल के पास सड़क धंस गई, जिससे कई वाहन अचानक नदी में गिर गए। प्रशासन और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। फिलहाल घायल या लापता लोगों की संख्या का पता नहीं चल पाया है।
डोडा में बादल फटने से फ्लैश फ्लड, घर बह गए, 4 मौतें
डोडा जिले के भलेसा, थाथरी और मरमत क्षेत्रों में मंगलवार तड़के बादल फटने की घटनाओं के कारण फ्लैश फ्लड आया। इस आपदा में 10 से 15 घर बह गए और 4 लोगों की मौत हो चुकी है। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। मृतकों की पहचान और विवरण अभी संकलित किया जा रहा है।
राज्यभर में हालात गंभीर, स्कूल बंद, हाईवे और नेटवर्क प्रभावित
बारिश के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग, बटोटे-किश्तवाड़ मार्ग और अन्य कई सड़कें बंद हैं। कई जिलों में स्कूल दो दिनों के लिए बंद कर दिए गए हैं। इसके अलावा, मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं बाधित हैं, जिससे राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हो रहा है और लोग अपने परिवार से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।
प्रशासन अलर्ट मोड में, रेड अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। डोडा, किश्तवाड़, रियासी, पुंछ और रामबन जिलों में फ्लड अलर्ट जारी किया गया है। NDRF और SDRF की टीमें संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं। राज्य सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और आपात स्थिति में प्रशासन से संपर्क करें।