बिहार | बिहार की राजनीति इन दिनों ‘वोटर अधिकार यात्रा’ को लेकर गरमा गई है। कांग्रेस और राजद समेत विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में हेरफेर करने का आरोप लगाया है। विपक्ष का कहना है कि सरकार ‘वोट चोरी’ की तैयारी कर रही है। इस यात्रा का नेतृत्व राहुल गांधी और तेजस्वी यादव कर रहे हैं, जबकि प्रियंका गांधी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन जैसे बड़े नेता भी इसमें शामिल होकर विपक्ष की ताकत दिखा रहे हैं।
राहुल-प्रियंका की बाइक राइड वायरल
यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने बुलेट बाइक चलाते हुए अपनी बहन प्रियंका गांधी को पीछे बिठाया। यह नज़ारा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। खास बात यह रही कि राहुल ने प्रियंका को हेलमेट पहनाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने मज़ाकिया अंदाज़ में प्रियंका से कहा कि कमर कसकर पकड़ो। यह दृश्य भाई-बहन के रिश्ते की झलक भी दिखाता है और सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा का विषय बना।
चुनाव आयोग पर विपक्ष के वार, CEC का पलटवार
‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) अभियान पर भी सियासत गर्म है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ी कर विपक्षी वोटरों को हटाया जा रहा है। इस पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने विपक्ष को करारा जवाब दिया और कहा कि क्या वे चाहते हैं कि मृत लोगों के नाम भी वोटर लिस्ट में बने रहें? चुनाव आयोग का दावा है कि यह प्रक्रिया सिर्फ मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए है।
विपक्षी एकजुटता की ताकत
मुजफ्फरपुर में आयोजित जनसभा में सीएम स्टालिन ने भी शिरकत कर विपक्ष को और मजबूती दी। इससे पहले राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पूर्णिया जिले में मोटरसाइकिल रैली भी निकाल चुके हैं। राहुल ने अपने भाषणों में भाजपा और चुनाव आयोग दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता को अपने मताधिकार और संविधान की रक्षा करनी होगी।
चुनाव से पहले विपक्ष का बड़ा दांव
आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह ‘वोटर अधिकार यात्रा’ विपक्षी दलों के लिए बड़ा राजनीतिक दांव मानी जा रही है। इस यात्रा से न केवल भाजपा पर दबाव बढ़ा है, बल्कि विपक्ष अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को एकजुट करने की कोशिश में भी जुटा है।