नई दिल्ली | अमेरिकी यहूदियों के एक समर्थक संगठन ने अमेरिका के कुछ अधिकारियों की ओर से भारत पर रूस से तेल खरीदने को लेकर की जा रही आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध के लिए भारत जिम्मेदार नहीं है। समूह ने अमेरिका-भारत संबंधों को मजबूत करने और सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।
हाल ही में, व्हाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने रूस-यूक्रेन संघर्ष को “मोदी का युद्ध” करार दिया और कहा कि शांति के मार्ग में भारत की भूमिका अहम है। इस पर अमेरिकी यहूदी कमेटी (AGC) ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नवारो की टिप्पणी अपमानजनक और अनुचित है।
AGC ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि भारत ऊर्जा के आवश्यक संसाधनों के लिए रूस से तेल खरीद रहा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह पुतिन के युद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार है। पोस्ट में यह भी कहा गया कि भारत एक लोकतांत्रिक देश होने के साथ अमेरिका का रणनीतिक साझेदार है और महाशक्तियों के बीच संतुलन बनाए रखने में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण है। समूह ने अमेरिका से आग्रह किया कि वे भारत के प्रति गलतफहमी छोड़कर द्विपक्षीय संबंधों को फिर से सुदृढ़ करें।