Hamirpur, Arvind
हमीरपुर ज़िला के सुजानपुर उपमंडल के अंतर्गत चबूतरा क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से ज़मीन धंसने के कारण बड़ा हादसा पेश आया। भूस्खलन की चपेट में आने से दो मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए, जबकि तीन मकान खतरे की जद में हैं। सुरक्षा की दृष्टि से पूरे गांव को खाली करवाकर प्रभावित ग्रामीणों को पंचायत घर और सत्संग भवन में अस्थायी रूप से ठहराया गया है।
प्रशासन की ओर से बेघर हुए परिवारों के लिए भोजन और किराए पर रहने की व्यवस्था की जा रही है।वहीं, मवेशियों को भी सुरक्षित निकाला गया है.अधिकारियों का कहना है कि धंसी हुई भूमि पर दोबारा निर्माण करना असुरक्षित है, इसलिए प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित ज़मीन तलाशने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।एसडीओ आईपीएच विभाग ने बताया कि हादसे में पेयजल लाइन को भी नुकसान पहुंचा है और पंप हाउस को एहतियातन खाली कराया गया है। ग्रामीणों ने सरकार से सुरक्षित जगह और पुनर्वास की मांग की है।इसी बीच इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना भी सामने आई है। प्रभावित परिवारों के खाली घरों से गहनों और नकदी की चोरी की शिकायत मिली है।
प्रभावित परिवारों के साथ खड़े हुए राजेंद्र राणा, ट्रस्ट से दी 50-50 हज़ार की मदद
घटना की जानकारी मिलते ही सुजानपुर के पूर्व विधायक एवं प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता राजेंद्र राणा देर रात ही मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हुए। उन्होंने तत्काल राहत व्यवस्था सुनिश्चित करवाई। सोमवार सुबह भी वे प्रभावित स्थल पर पहुंचे और परिवारों को नाश्ता, तिरपाल और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवाई।
राजेंद्र राणा ने अपनी संस्था सर्व कल्याणकारी ट्रस्ट की ओर से मकान गंवाने वाले प्रत्येक परिवार को 50-50 हज़ार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी पीड़ित परिवार को संकट की घड़ी में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने एनडीआरएफ टीम बुलाने की मांग की है ताकि मलबे में फंसे सामान को सुरक्षित निकाला जा सके। उन्होंने प्रदेश सरकार से भी अपील की है कि प्रभावित परिवारों को अधिक से अधिक सहायता प्रदान की जाए।