ऑस्ट्रेलियाई | हाल ही में ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने सूचना की स्वतंत्रता के तहत मांगी जाने वाली जानकारी पर शुल्क लगाने की योजना प्रस्तावित की है। सरकार का दावा है कि इस कदम का उद्देश्य “फिजूल” और “दुरुपयोगात्मक” आवेदन कम करना है। हालांकि, इस प्रस्ताव ने नागरिकों, पत्रकारों, शोधकर्ताओं और कानूनी विशेषज्ञों में चिंता पैदा कर दी है।
FOI: लोकतंत्र की पारदर्शिता की आधारशिला
सूचना की स्वतंत्रता कानून लोकतांत्रिक देशों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करता है। ऑस्ट्रेलिया में अब तक यह अधिकार मुफ्त या न्यूनतम शुल्क पर उपलब्ध था। यदि इस पर शुल्क लगाया गया, तो आम नागरिक, पत्रकार और शोधकर्ता सरकार से जानकारी पाना मुश्किल समझ सकते हैं।
सरकार का तर्क
सरकार का कहना है कि FOI के तहत अक्सर ऐसे आवेदन आते हैं जो केवल सिस्टम का दुरुपयोग करते हैं – जैसे बार-बार आवेदन भेजना, गैर-जरूरी जानकारी मांगना या सरकार को परेशान करना। उनका मानना है कि शुल्क लगाने से केवल गंभीर और महत्वपूर्ण मामलों में ही आवेदन होंगे।
आलोचना और विरोध
कानूनी विशेषज्ञ और विपक्षी नेता इस कदम की आलोचना कर रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसा करने से लोकतंत्र कमजोर होगा और निम्न आय वर्ग के लोग या नागरिक, जो जवाबदेही चाहते हैं, हतोत्साहित होंगे। कोएलिशन के कई सदस्यों ने इसे नागरिक अधिकारों पर हमला बताया है।
पारदर्शिता बनाम प्रशासनिक सुविधा
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशासनिक सुविधा के नाम पर पारदर्शिता से समझौता करना गलत होगा। FOI प्रणाली में पहले से ही देरी और अधूरी जानकारी जैसी चुनौतियाँ हैं। शुल्क लगाने से यह और अधिक कठिन हो जाएगा।
विशेषज्ञों की सलाह है कि सरकार को FOI प्रणाली में सुधार लाना चाहिए, तकनीकी और प्रशासनिक उपायों से दुरुपयोग रोकना चाहिए, लेकिन सूचना के अधिकार को सीमित नहीं करना चाहिए।