नई दिल्ली | कर्ज संकट से जूझ रहे कारोबारी अनिल अंबानी की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) और उसके लोन खातों को ‘फ्रॉड’ घोषित कर दिया है। कंपनी ने गुरुवार को एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी।
इससे पहले जून में एसबीआई और अगस्त में बैंक ऑफ इंडिया भी आरकॉम के लोन अकाउंट को धोखाधड़ी की श्रेणी में रख चुके हैं। अब बैंक ऑफ बड़ौदा के इस फैसले ने अंबानी की परेशानी और बढ़ा दी है।
शेयरों में गिरावट
खबर सामने आते ही आरकॉम के शेयर धड़ाम हो गए। बीएसई पर शुरुआती कारोबार में यह 2.8% लुढ़ककर ₹1.39 पर आ गया, जो इसके 52 हफ्तों के निचले स्तर ₹1.33 के बेहद करीब है।
कंपनी का पक्ष
आरकॉम का कहना है कि बैंक जिन लोन और क्रेडिट सुविधाओं का जिक्र कर रहे हैं, वे कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) शुरू होने से पहले की हैं। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि अनिल अंबानी 2006 से 2019 तक केवल नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रहे और कंपनी के दैनिक संचालन में उनकी सीधी भूमिका नहीं थी।
अंबानी का बयान
अनिल अंबानी ने आरोप लगाया कि 14 बैंकों के कंसोर्टियम से लोन मिलने के बावजूद, अलग-अलग बैंक अब सालों बाद उन्हें निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे इस मामले में कानूनी रास्ता अपनाएंगे।
ईडी की जांच जारी
इस बीच, अनिल अंबानी पहले से ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रडार पर हैं। हाल ही में ईडी ने उनकी कंपनियों और सहयोगियों के ठिकानों पर मुंबई में 35 से ज्यादा छापे मारे थे। करीब 50 कंपनियां और 25 लोग मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जांच के घेरे में हैं।
डूबता कारोबारी साम्राज्य
कभी देश के शीर्ष उद्योगपतियों में गिने जाने वाले अनिल अंबानी का व्यापारिक साम्राज्य लगातार सिकुड़ता जा रहा है। कई कंपनियां बिक चुकी हैं या दिवाला प्रक्रिया में हैं, जिससे उनकी कारोबारी साख पर गंभीर असर पड़ा है।