जालंधर | मंडियाला गैस कांड ने पंजाब की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और साथ ही एक जनप्रतिनिधि की साख पर भी गंभीर छाया डाली है। आम आदमी पार्टी के विधायक रमन अरोड़ा भ्रष्टाचार और संगीन आपराधिक मामलों में उलझे नजर आ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, पिछले तीन सालों से विधायक अरोड़ा ठेकेदार रमेश कुमार से “महीना” वसूल रहे थे। रमेश गैस और तेल चोरी के जाल का मास्टरमाइंड है और फिलहाल मंडियाला गैस कांड में जेल में बंद है। इस हादसे में 7 लोगों की जान गई थी।
रमेश ने खुद खुलासा किया कि वह विधायक और उनके बेटे सौरव पासवान को नियमित रिश्वत देता था। उन्होंने आरोप लगाया कि पैसे न देने पर विधायक ने धमकी दी थी कि झूठे मामलों में फंसाया जाएगा।
चौंकाने वाली बात यह है कि गैस कांड के 15 मिनट बाद ही रमेश ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गैस कांड की एफआईआर रात 9:55 बजे दर्ज हुई, जबकि विधायक अरोड़ा के खिलाफ एफआईआर 10:10 बजे। जानकार इसे केवल संयोग नहीं मान रहे।