Facebook-f Youtube X-twitter

गुजरात की प्रयोगशाला से राष्ट्रीय नीति तक: मोदी का मॉडल – डॉ. मनसुख एल. मांडविया, केन्द्रीय मंत्री

Delhi, 15 September

भारत की राजनीति में बहुत कम ऐसे नेता हुए हैं जिन्होंने लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहते हुए किसी राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में भी कार्य किया हो। अधिकांश प्रधानमंत्रियों का राजनीतिक अनुभव राष्ट्रीय स्तर पर ही रहा, लेकिन नरेन्द्र मोदी इस दृष्टि से अलग हैं।

2014 में प्रधानमंत्री बनने से पहले, वे गुजरात में एक दशक से अधिक समय तक मुख्यमंत्री रहे और वहीं से उन्होंने शासन का एक ऐसा दृष्टिकोण विकसित किया जिसने भारतीय राजनीति और प्रशासन को नई दिशा दी। उनका फोकस सिर्फ नीति-निर्माण पर नहीं, बल्कि कारगर क्रियान्वयन पर रहा। यही दृष्टिकोण अब “भारतीय शासन मॉडल” के रूप में स्थापित हो चुका है।

क्रियान्वयन: नीति से ज़्यादा ज़रूरी

गुजरात में बिजली आपूर्ति की खामियों से सीख लेकर मोदी ने ज्योतिग्राम योजना लागू की। प्रधानमंत्री बनने के बाद इसे दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के रूप में आगे बढ़ाया, जिससे लाखों गांवों में भरोसेमंद बिजली पहुंची। इसी तरह, जन-धन योजना ने बैंकिंग को सक्रिय बनाया और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) की नींव रखी।

आवास क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना ने तकनीकी साधनों (जियो-टैगिंग, निगरानी, गुणवत्ता नियंत्रण) से पारदर्शिता बढ़ाई और पहली बार लाभार्थियों को पूरा घर मिला।

संघवाद को ताकत बनाना

गुजरात का अनुभव बताता है कि विकास राज्य और केन्द्र के तालमेल से ही संभव है। मोदी ने राष्ट्रीय स्तर पर इसे सहकारी और प्रतिस्पर्धी संघवाद के रूप में लागू किया।

  • जीएसटी परिषद ने वित्तीय संवाद को संस्थागत किया।
  • राज्यों को अधिक कर हिस्सा देकर वित्तीय स्वायत्तता दी गई।
  • ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग से राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिला।

कल्याण को उत्पादकता से जोड़ना

कल्याणकारी योजनाओं को मोदी ने केवल सहायता नहीं, बल्कि निवेश माना।

  • गुजरात की कन्या केलवणी पहल राष्ट्रीय स्तर पर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ बनी, जिसने शिक्षा और लिंगानुपात दोनों पर असर डाला।
  • मातृ स्वास्थ्य की चिरंजीवी योजना राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में बदली, जिससे करोड़ों महिलाओं को लाभ मिला।

विश्वसनीयता और भरोसा

गुजरात का “वाइब्रेंट गुजरात” अनुभव राष्ट्रीय स्तर पर मेक इन इंडिया में बदला। 2014 से 2024 के बीच भारत ने रिकॉर्ड एफडीआई आकर्षित किया।
नागरिकों के स्तर पर भी बदलाव आया। पहले योजनाएं घोषणाओं तक सीमित थीं, आज लोग मानते हैं कि बिजली, गैस, बैंक खाते और शौचालय जैसी सुविधाएं वास्तव में उन तक पहुंचेंगी।

विकसित भारत 2047 का लक्ष्य

सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” अब नारा नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की हकीकत है। डिजिटल समन्वय, पारदर्शी क्रियान्वयन और अंतिम छोर तक लाभ पहुंचाने की नीति ने शासन का नया भारतीय मॉडल गढ़ा है।भारत जब 2047 तक विकसित राष्ट्र बनेगा, तो इसमें उस शासन दृष्टिकोण की अहम भूमिका होगी जिसे मोदी ने गुजरात से लेकर पूरे देश में स्थापित किया। यही उनकी स्थायी और निर्णायक विरासत है।

Chandrika

chandrika@summerexpress.in

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trending

हिमाचल दिवस पर राज्य स्तरीय सम्मान वितरित, पात्र परिवारों को आर्थिक सहायता व भूमि पट्टे

शिमला, 15 अप्रैल : हिमाचल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राज्य की उत्कृष्ट विभूतियों को वर्ष 2026 के राज्य स्तरीय पुरस्कारों से सम्मानित किया। इस दौरान सिविल सर्विसिस अवॉर्ड, प्रेरणा स्रोत सम्मान और हिमाचल गौरव पुरस्कार विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थानों को प्रदान किए गए।सिविल सर्विसिस...

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर जयराम ठाकुर का समर्थन, प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल

शिमला ,संजू-:नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा लाए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम की सराहना करते हुए इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया है। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण कानून के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाना केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जयराम...

रिकांगपियो में राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह, मुख्यमंत्री सुक्खू ने की कई अहम घोषणाएं

किन्नौर,-:हिमाचल प्रदेश में 79वां हिमाचल दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। राज्य स्तरीय मुख्य समारोह किन्नौर जिले के रिकांग पियो में आयोजित हुआ, जहां मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और भव्य परेड की सलामी ली। समारोह के दौरान विभिन्न सुरक्षा बलों, पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी और स्कूलों के बैंड दलों ने आकर्षक...

जल्दबाजी में लाया जा रहा महिला आरक्षण विधेयक- रजनी पाटिल

शिमला,संजू– शिमला में हिमाचल दिवस के अवसर पर रिज मैदान में आयोजित जिलास्तरीय कार्यक्रम में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल ने शिरकत की और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। रजनी पाटिल ने कहा कि महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए, लेकिन केंद्र सरकार इस बिल...

शिमला में हिमाचल दिवस का ज़िलास्तरीय समारोह आयोजित, मुकेश अग्निहोत्री बोले- केंद्र सरकार नहीं कर रहा प्रदेश का सहयोग

शिमला – हिमाचल प्रदेश में हर्ष और उल्लास के साथ हिमाचल दिवस की 78वीं वर्षगांठ मनाई गई. जिला शिमला में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने हिमाचल दिवस के जिलास्तरीय कार्यक्रम की अध्यक्षता की. इस दौरान हिमाचल प्रदेश के विकास में राज्य के बड़े नेताओं के योगदान को याद किया. साथ ही केंद्र सरकार से हिमाचल...

हम लाते हैं तेज़, साफ़ और भरोसेमंद ख़बरें — शोर के बीच भी सच्चाई तक पहुंचाने वाली।
चाहे ब्रेकिंग न्यूज़ हो या आपके लिए अहम कहानियाँ, हर दिन हम देते हैं समझदारी और रोचक अंदाज़ में कवरेज।

Must Read

©2025- All Right Reserved.