मोहाली | पूर्व पंजाब मंत्री और शिअद के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से जुड़े अवैध संपत्ति मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। इसी क्रम में मजीठिया के साले गजपत सिंह ग्रेवाल को विजिलेंस ब्यूरो ने पूछताछ के लिए नोटिस भेजा था, लेकिन वे 15 सितंबर को मोहाली स्थित विजिलेंस मुख्यालय में पेश नहीं हुए।
उनकी अनुपस्थिति को गंभीर मानते हुए विजिलेंस ब्यूरो ने अब उन्हें दोबारा नोटिस जारी किया है। ताज़ा नोटिस के मुताबिक, ग्रेवाल को 16 सितंबर 2025 को सुबह 11 बजे सेक्टर-68 स्थित विजिलेंस भवन में अनिवार्य रूप से पेश होना होगा।
ब्यूरो ने चेतावनी दी है कि यदि वे पेश नहीं होते तो उनके खिलाफ BNSS 2023 की धारा 179 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह धारा उन मामलों में लागू होती है जहां कोई व्यक्ति जांच में सहयोग नहीं करता।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि गजपत सिंह ग्रेवाल इस केस में अहम गवाह साबित हो सकते हैं। माना जा रहा है कि उनकी गवाही और बयान से मजीठिया से जुड़े वित्तीय लेन-देन और संपत्ति के स्रोतों पर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। यही कारण है कि विजिलेंस ब्यूरो उनकी हाज़िरी को लेकर सख्त रुख अपना रहा है।