नई दिल्ली | केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। लंबे इंतजार के बाद 8वां केंद्रीय वेतन आयोग लागू होने की प्रक्रिया 2025 के भीतर शुरू हो सकती है। उम्मीद जताई जा रही है कि यह आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा। इससे देशभर के लगभग 1 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों और पेंशनर्स को सीधा फायदा मिलेगा।
फिटमेंट फैक्टर से कितना बढ़ेगा वेतन?
फिटमेंट फैक्टर वह आधार है जिससे मूल वेतन और पेंशन तय होती है। 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था, जबकि 8वें आयोग में इसे 2.86 करने का प्रस्ताव है। इसका मतलब है कि कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में बड़ी छलांग लगेगी।
संभावित नए वेतन का अनुमान (2.86 फैक्टर के आधार पर):
- लेवल-1 : ₹18,000 से बढ़कर ₹51,480
- लेवल-5 : ₹29,200 से बढ़कर ₹83,512
- लेवल-10 : ₹56,100 से बढ़कर ₹1,60,446
- लेवल-13A : ₹1,31,100 से बढ़कर ₹3,74,946
- लेवल-18 : ₹2,50,000 से बढ़कर ₹7,15,000
न्यूनतम पेंशन भी ₹9,000 से बढ़कर ₹25,740 तक हो सकती है।
समय पर लागू करने की तैयारी
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया था कि 1947 से अब तक सात वेतन आयोग लागू हो चुके हैं। आखिरी (7वां आयोग) 2016 में आया था, जिसकी वैधता 2026 तक है। इसी कारण सरकार चाहती है कि 8वां वेतन आयोग समय पर लागू किया जाए।
कर्मचारी संगठनों की मांग
Government Employees National Confederation (GENC) ने केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर तुरंत 8वें वेतन आयोग के गठन की मांग की है। संगठन का कहना है कि अगर प्रक्रिया में देरी हुई तो 2026 में वेतन संशोधन अटक सकता है।
अतिरिक्त लाभ भी होंगे शामिल
नए वेतन आयोग के लागू होने से न सिर्फ मूल वेतन और पेंशन बढ़ेगी, बल्कि महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और यात्रा भत्ता (TA) जैसे अन्य अलाउंसेस भी प्रभावित होंगे। इन सभी का पुनर्मूल्यांकन नए वेतन ढांचे के अनुसार किया जाएगा।