Shimla, Sanju
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि प्रदेश में इस बार मॉनसून के दौरान सामान्य से 45 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जिसके चलते भीषण आपदा का सामना करना पड़ा। अब तक 419 लोगों की मौत हो चुकी है। आपदा में 1500 से अधिक घर पूरी तरह ढह गए हैं, जबकि करीब 6500 मकानों में दरारें पड़ी हैं।
चौहान ने कहा कि इतनी बड़ी त्रासदी के बावजूद विपक्ष सरकार पर हमला कर राजनीति कर रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह समय राजनीति का नहीं है, लेकिन बीजेपी के भीतर वर्चस्व की लड़ाई साफ नज़र आ रही है।
उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह आपदा को राजनीतिक चश्मे से देखने के बजाय जनता की मदद के लिए आगे आए।
केंद्र की मदद पर उठाए सवाल
चौहान ने कहा कि हिमाचल देश का हिस्सा है और केंद्र सरकार का कर्तव्य है कि प्रदेश की मदद करे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1500 करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा की थी, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि यह राशि किस मद में दी गई है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने बहुत कम समय में बिजली, पानी और सड़क सेवाएं बहाल कर दी हैं, मगर हिमाचल को दोबारा खड़ा करना बड़ी चुनौती है, जिसके लिए और अधिक संसाधनों की आवश्यकता है।
कंगना पर पलटवार
मंडी से सांसद कंगना रनौत पर निशाना साधते हुए चौहान ने कहा कि आपदा के समय वह जनता के साथ खड़ी नहीं रहीं। मंडी संसदीय क्षेत्र की जनता उनसे निराश हो चुकी है। उन्होंने कंगना के बयानों को बीजेपी के भीतर वर्चस्व की जंग का हिस्सा बताया।
हर्ष महाजन पर टिप्पणी
बीजेपी सांसद हर्ष महाजन द्वारा कांग्रेस विधायक राम कुमार चौधरी पर लगाए गए आरोपों पर चौहान ने कहा कि विधायक स्वयं इन सवालों का जवाब देने में सक्षम हैं। साथ ही उन्होंने हर्ष महाजन को बीजेपी के लिए सबसे बड़ी सिरदर्द बताते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी के भीतर एक बड़ा धड़ा खड़ा कर लिया है।