Shimla, Sanju
पूर्व पार्षद एवं समाजसेवी गौरव शर्मा ने कहा कि राजधानी शिमला पर्यटकों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है और सरकार को विशेष अभियान चलाकर पर्यटन को प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपदा से जुड़े भ्रामक प्रचार ने पर्यटकों में अनावश्यक भय पैदा किया है, जबकि वास्तविकता इसके विपरीत है।
गौरव शर्मा ने बताया कि पूरे बरसात के मौसम में न तो शिमला-कालका मार्ग बंद हुआ और न ही रेल सेवा बाधित रही। इसके बावजूद कुछ डिजिटल मीडिया और समाचार एजेंसियों ने गलत संदेश फैलाकर पर्यटकों को गुमराह किया।उन्होंने कहा कि शिमला का भौगोलिक क्षेत्र काफी बड़ा है। यदि रामपुर या रोहड़ू जैसे इलाकों में आपदा आती है, तो इसका अर्थ यह नहीं कि शिमला शहर और इसके पर्यटन स्थल प्रभावित हुए हों।
शर्मा ने सरकार से आग्रह किया कि वह पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रचार अभियान चलाए, क्योंकि पर्यटन प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि शिमला और आसपास के सुरक्षित पर्यटन स्थलों की वास्तविक तस्वीर देश-दुनिया तक पहुँचाई जाए।उन्होंने कहा, “प्रदेश एक बड़ी आपदा का सामना कर चुका है। जब तक सरकार पर्यटकों को भरोसा नहीं दिलाएगी, तब तक प्रदेश की आर्थिकी पटरी पर नहीं लौट सकती। पर्यटन ही छोटे-बड़े कारोबारियों की आजीविका का सबसे बड़ा आधार है।”गौरव शर्मा ने सरकार से भ्रामक प्रचार फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और पर्यटकों से शिमला आने का आग्रह किया, ताकि वे यहाँ की प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद ले सकें।