Shimla, Sanju
11 साल पुराने बहुचर्चित युग हत्याकांड में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के ताज़ा फैसले के बाद पीड़ित परिवार का गुस्सा फूट पड़ा। फैसले के खिलाफ परिजनों ने शुक्रवार को शिमला स्थित डीसी कार्यालय के बाहर आँखों पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों को फांसी देने की मांग की।
सेशन कोर्ट ने चार वर्षीय युग की हत्या के मामले में तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए फांसी की सज़ा सुनाई थी। लेकिन उच्च न्यायालय की डबल बेंच ने निचली अदालत के इस फैसले को बदलते हुए एक आरोपी को बरी कर दिया और शेष दो आरोपियों को उम्रकैद की सज़ा सुनाई।इस फैसले से युग के परिजन बेहद आक्रोशित हैं। विरोध जताते हुए परिजनों ने कहा कि कानून अंधा हो गया है और न्याय उन्हें नहीं मिला। परिजनों ने दोषियों को फांसी देने की मांग दोहराई और चेतावनी दी कि अगर फैसला नहीं बदला गया तो उनका आंदोलन जारी रहेगा।
युग के पिता विनोद गुप्ता ने कहा—“हमें न्यायालय से न्याय नहीं मिला। कानून अंधा हो गया है, इसलिए हम काली पट्टी बांधकर विरोध कर रहे हैं। दोषियों को फांसी दी जानी चाहिए। अगर ज़रूरत पड़ी तो हम सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।”