बीड बिलिंग राष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग स्कूल पर ताला क्यों? : जयराम ठाकुर
Shimla, 23 October
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बीड बिलिंग में स्थापित राष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग स्कूल के 9 महीने बाद भी संचालित न होने पर सरकार पर तीखा हमला बोला है। ठाकुर ने कहा कि करोड़ों की लागत से बना यह स्कूल सरकार की नाकामी और विभागीय तालमेल की कमी की भेंट चढ़ गया है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत पूर्व भाजपा सरकार ने 8 करोड़ रुपये की लागत से इस स्कूल का निर्माण करवाया था, जिसका उद्घाटन 25 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री द्वारा किया गया था। बावजूद इसके, स्कूल आज तक शुरू नहीं हो पाया है।जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि सरकार इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप संचालित करे तो यह न केवल प्रदेश की पर्यटन और खेल अर्थव्यवस्था के लिए वरदान साबित होगा बल्कि हजारों युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि बीड बिलिंग दुनिया के सबसे सुरक्षित पैराग्लाइडिंग स्थलों में से एक है, परंतु संस्थागत समर्थन के अभाव में इसका पूरा लाभ प्रदेश को नहीं मिल रहा है।
लाइसेंसिंग और मान्यता के अभाव में पिछड़ रहा है भारत
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्य में अभी तक राज्य स्तरीय महासंघ और अंतर्राष्ट्रीय पायलट प्रवीणता सूचना लाइसेंस (IPPI) जारी करने वाली संस्था का गठन नहीं हुआ है। इसकी वजह से भारत में पायलट प्रशिक्षण और प्रमाणन की प्रक्रिया ठप है।उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय वायु खेल दिशानिर्देश (NASG) 2023 लागू होने के बाद पैराग्लाइडिंग को बढ़ावा देने के लिए अब एक नियामक ढांचा मौजूद है। यदि सरकार इन्हीं गाइडलाइंस के अनुरूप काम करे तो हिमाचल में पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण को नया आयाम मिल सकता है।
सरकार और एयरो क्लब ऑफ इंडिया में हो तत्काल समन्वय”
जयराम ठाकुर ने सुझाव दिया कि हिमाचल सरकार और एयरो क्लब ऑफ इंडिया (ACI) के बीच समन्वय स्थापित कर लाइसेंसिंग प्रक्रिया को औपचारिक रूप दिया जाए। इससे स्थानीय पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षकों और युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे।उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में भी पैराग्लाइडिंग स्कूल खोलने के दिशा-निर्देश बनाए जाएं ताकि हिमाचल एयरो स्पोर्ट्स के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन सके।
पैराग्लाइडिंग स्कूल से बदलेगी इलाके की सूरत
जयराम ठाकुर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नेशनल पैराग्लाइडिंग स्कूल के संचालन से प्रदेश को हर वर्ष करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त होगा और हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही, जीएसटी और उपकरणों की बिक्री से भी राज्य को आर्थिक लाभ होगा।उन्होंने कहा कि लाइसेंस प्राप्त पायलट जब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे तो इससे न केवल हिमाचल बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ेगा।