राहुल चावला, धर्मशाला। जिला कांगड़ा और चंबा में ढाई सौ से अधिक आबादी वाले गांवों को अब सड़कों से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। दोनों जिलों से कुल 78 सड़क मार्गों के प्रस्ताव (प्रपोजल) केंद्र सरकार को स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं। इन सड़कों के निर्माण पर लगभग 642 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है, जिसके तहत 356 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाई जाएंगी।
यह परियोजना प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) चरण-4 के तहत पूरी की जाएगी। फिलहाल दोनों जिलों में चरण-3 की स्वीकृत सड़कों पर कार्य जारी है। योजना के तहत उन गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा, जिनकी आबादी लगभग 250 के आसपास है, लेकिन अब तक वे सड़क संपर्क से वंचित हैं।
केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए राज्य के लोक निर्माण विभाग से डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) मांगी थी, जिसे विभाग के जोन कार्यालयों ने एसटीए से स्वीकृति मिलने के बाद केंद्र को भेज दिया है।
सरकार ने पीएमजीएसवाई चरण-4 के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं, जिनमें यह सुनिश्चित किया गया है कि प्रस्तावित सड़क निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध हो, वन अनुमति (फॉरेस्ट क्लीयरेंस) पूरी हो चुकी हो, और यदि जमीन निजी है तो उसका म्यूटेशन लोक निर्माण विभाग के नाम दर्ज हो।
अधिकारियों के अनुसार, केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उम्मीद है कि इन सड़कों के बनने से कांगड़ा और चंबा के सैकड़ों ग्रामीणों का सड़क सुविधा का सपना साकार होगा।