धर्मशाला। पूर्व पंचायती राज मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता वीरेंद्र कंवर ने मुख्यमंत्री सुक्खू सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह सरकार स्वर्गीय राजीव गांधी की पंचायती राज नीति और संविधान की भावना के खिलाफ काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पंचायती राज चुनाव न करवाकर लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर कर रही है।
कंवर ने कहा कि स्व. राजीव गांधी ने देश में 73वें संविधान संशोधन के तहत पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की थी। संविधान के अनुच्छेद 243 के अनुसार हर राज्य में हर पांच वर्ष बाद पंचायत चुनाव करवाना अनिवार्य है, ताकि लोकतंत्र की निरंतरता बनी रहे। उन्होंने कहा कि पारंपरिक रूप से पंचायत प्रतिनिधियों के कार्यकाल का साढ़े चार वर्ष पूरा होते ही छह महीने पहले चुनाव प्रक्रिया शुरू कर दी जाती थी, लेकिन सुक्खू सरकार ने यह परंपरा तोड़ दी है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि चुनावों में देरी ग्राम स्तर के लोकतंत्र की हत्या है और इससे एससी, एसटी, ओबीसी, सामान्य वर्ग और महिलाओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। हजारों लोग आरक्षण के तहत चुनाव लड़ने की तैयारी में थे, लेकिन सरकार की निष्क्रियता से उनके सपने अधूरे रह गए।
कंवर ने कहा, “तीन वर्षों की नाकामियों से घबराकर सुक्खू सरकार चुनाव से भाग रही है। जनता को राहत देने में नाकाम यह सरकार अब लोकतंत्र से भी डरने लगी है।”
उन्होंने राहुल गांधी पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि वे “संविधान का चालीसा” पढ़ने की बात करते हैं, लेकिन जब उनकी ही पार्टी की सरकार संविधान के प्रावधानों की धज्जियां उड़ा रही है, तो वे मौन साधे हुए हैं। कंवर ने कहा कि राहुल गांधी को तुरंत हिमाचल सरकार को आदेश देना चाहिए कि पंचायत चुनाव शीघ्र करवाए जाएं।
पूर्व मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार के समय प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने पंचायती राज में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देकर सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया था। वहीं सुक्खू सरकार ने न केवल चुनाव टाल दिए हैं, बल्कि पंचायतों की वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियों को भी सीमित कर दिया है।
कंवर ने कहा कि पंचायतें गांवों की मिनी अदालतें होती हैं, जहां से विकास और जनसेवा की शुरुआत होती है। चुनाव टलने से योजनाएं ठप पड़ी हैं और ग्राम पंचायतें बजट व विकास कार्यों को लेकर असमंजस में हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को लेकर विधानसभा से लेकर सड़क तक सरकार से जवाब मांगेगी और जनता को बताएगी कि कांग्रेस सरकार ने कैसे राजीव गांधी की नीति और लोकतंत्र की भावना दोनों से विश्वासघात किया है।
अंत में कंवर ने कहा, “लोकतंत्र तब तक जीवित है, जब तक जनता अपने प्रतिनिधियों को चुनने के अधिकार से वंचित नहीं होती। सुक्खू सरकार तुरंत पंचायती राज चुनावों की घोषणा करे, ताकि गांवों का लोकतंत्र फिर से जीवित हो सके।”