मंडी | अगर आप एक दुकानदार हैं और तम्बाकू उत्पादों को बेचते हैं तो फिर आप इन उत्पादों को बीना लाइसेंस के नहीं बेच पाएंगे। केंद्र सरकार के तम्बाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 में अब इस पुराने नियम पर सख्ती से निपटने का निर्णय लिया गया है। क्यों जरूरी किया गया इसे और कैसे बनेगा लाइसेंस, जानिए हमारी इस रिपोर्ट में।
केंद्र सरकार का तम्बाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 देश भर में पूरी गंभीरता से चलाया जा रहा है। इस राष्ट्रव्यापी अभियान में कुछ नियम ऐसे हैं जो बने तो काफी पहले से हैं लेकिन उनका सख्ती से पालन नहीं किया जा रहा है। इन्हीं में से एक नियम यह भी है कि तम्बाकू उत्पादों को बीना लाइसेंस के नहीं बेचा जा सकता। यदि आप एक दुकानदार हैं और आपके पास भले ही अपनी दुकान का लाइसेंस है, लेकिन तम्बाकू उत्पादों को बेचने के लिए आपको अलग से लाइसेंस बनाना पड़ता है। इस नियम का अधिकतर लोगों को ज्ञान नहीं, जिस कारण अभी इस पर कार्रवाई की जगह जागरूकता फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। सीएमओ मंडी डा. दीपाली शर्मा ने बताया कि 9 अक्तूबर से 8 दिसंबर तक चल रहे इस अभियान में दुकानदारों को इस नियम के बारे में जागरूक किया जा रहा है। उसके बाद फिर संबंधित विभाग और पुलिस द्वारा शिकंजा कसा जाएगा और दुकानदारों के चालान काटे जाएंगे।
दुकानों पर लाइटर और माचिस लटकाने पर भी होगी कार्रवाई
डा. दीपाली शर्मा ने बताया कि बहुत से दुकानदार खुली सिगरेट आदि बेचते हैं और इसके लिए उन्होंने अपनी दुकानों पर लाइटर और माचिस आदि भी लटका कर रखे होते हैं। ऐसा करना भी नियमों के विपरित है। न तो दुकानदार खुली सिगरेट बेच सकता है और न ही ऐसे कोई संकेत दे सकता है, जिससे तम्बाकू उत्पादों के प्रचार को बढ़ावा मिलता हो। ऐसा करने पर भी कार्रवाई होगी और चालान किया जाएगा।
कमीशनर और पंचायत सचिव बनाएंगे लाइसेंस
प्रावधानों के तहत तम्बाकू उत्पाद बेचने का लाइसेंस शहरी क्षेत्रों में नगर निकाय के कमीशनर और ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित पंचायत के सचिव द्वारा जारी किया जाएगा। इसके लिए दुकानदार को इनके पास आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद कमीशनर या पंचायत सचिव द्वारा जांच पड़ताल की जाएगी। यह देखा जाएगा कि दुकान किसी शिक्षण संस्थान के नजदीक तो नहीं? उसके बाद ही फिर दुकानदार को लाइसेंस जारी किया जाएगा और इसकी फीस 500 रूपए निर्धारित की गई है।
हर साल होती है 13.5 लाख लोगों की मौत
बता दें कि भारत में हर साल तम्बाकू के सेवन से 13.5 लाख लोग अपनी जान गंवाते हैं। 2047 तक विकसित भारत को लेकर केंद्र सरकार ने जो मुहीमें छेड रखी हैं उसमें तम्बाकू मुक्त युवा अभियान भी उसका एक अभिन्न हिस्सा है। यही कारण है कि इस राष्ट्रव्यापी अभियान के पूर्व के प्रावधानों पर भी अब सख्ती से निपटने की तैयारी कर ली गई है।