Summer express, अंबाला | अंबाला सिटी नगर निगम चुनाव में सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने मेयर पद के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है, जिसके बाद शहर की राजनीति में मुकाबला दिलचस्प हो गया है। भाजपा ने कार्यकर्ता परिवार से जुड़ी अक्षिता सैनी को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने कुलविंदर कौर को उम्मीदवार बनाया है। खास बात यह है कि दोनों ही प्रमुख उम्मीदवार सैनी समाज से आती हैं, जिससे मुकाबला और भी रोचक बन गया है।
इस चुनाव में नए चेहरों को प्राथमिकता दिए जाने के साथ ही अब नजर इस बात पर टिकी है कि संगठनात्मक मजबूती और पुराने नेताओं का प्रभाव मतदाताओं को कितना प्रभावित कर पाता है। माना जा रहा है कि इस बार मतदाता विकास कार्यों और पार्टियों के प्रदर्शन के आधार पर अपना फैसला देंगे, जिससे मुकाबला और भी कड़ा हो गया है।
दोनों दलों की प्रत्याशी सूची पर नजर डालें तो भाजपा ने इस बार महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व दिया है। मेयर समेत कुल आठ वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जिनमें भाजपा ने 10 महिला प्रत्याशियों को टिकट दिया है, जबकि कांग्रेस ने आठ महिलाओं को मैदान में उतारा है। इसके अलावा भाजपा ने उन नौ पूर्व पार्षदों को भी दोबारा मौका दिया है, जिनका स्थानीय राजनीति में अनुभव रहा है।
चुनावी रणनीति में दोनों पार्टियों ने जातीय और सामाजिक समीकरणों का भी पूरा ध्यान रखा है। सैनी समाज से मेयर पद के प्रत्याशी उतारे जाने के कारण इस बार इस समाज की भूमिका अहम मानी जा रही है। वहीं वार्ड स्तर पर वैश्य और पंजाबी समुदाय के उम्मीदवारों को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया गया है, जिससे चुनावी समीकरण और अधिक संतुलित और प्रतिस्पर्धी बन गया है।