राहुल चावला, धर्मशाला | जिला कांगड़ा सहकारिता विभाग के ताजा आंकड़े बताते हैं कि जिले की कुल 1076 सहकारी सभाओं में से 818 वर्तमान में लाभ में कार्य कर रही हैं, जबकि शेष घाटे में चल रहीं सभाओं को सुधारने के लिए विभाग स्तर पर प्रयास तेज कर दिए गए हैं। घाटे में चल रही सभाओं को लाभकारी मॉडल की तरफ लाने के लिए केंद्र की प्रमुख योजनाओं का सहारा लिया जा रहा है।
18 केंद्रीय योजनाएं जिला में लागू
सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने कुल 300 योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें से 18 योजनाएं जिला कांगड़ा में लागू की जा चुकी हैं। इन योजनाओं के तहत कई सहकारी सभाओं को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) प्रदान किए जा रहे हैं ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बैंकिंग, बीमा, आय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, बिजली-पानी बिल भुगतान सहित अन्य सुविधाएं आसानी से मिल सकें।
चार सर्कलों के अधीन 1076 सहकारी सभाएं
जिला कांगड़ा सहकारिता विभाग चार सर्कलों—धर्मशाला, पालमपुर, देहरा और नूरपुर—के तहत काम करता है, जहां कुल 1076 सहकारी सभाएं पंजीकृत हैं। इनमें से 611 प्राथमिक कृषि सहकारी सभाएं हैं, जिनके पास लगभग 1280.45 लाख रुपये का फंड मौजूद है। जिले में सहकारी सभाओं के कुल सदस्य 5,92,542 हैं, जिनके लिए ये सभाएं सस्ती ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध करवाकर रोजगार और आर्थिक सहायता का बड़ा स्रोत बनी हुई हैं।
घाटे वाली सभाओं को लाभ में बदलने का प्रयास
उप पंजीयक सहकारी सभाएं एवं समाहर्ता राकेश कुमार के अनुसार विभाग का लक्ष्य है कि घाटे में चल रही सभाओं को भी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के माध्यम से लाभ में लाया जाए।
उन्होंने बताया कि कई सभाओं ने सीएससी सेवाओं के माध्यम से अपनी आमदनी बढ़ाई है और दूसरों को भी इसी मॉडल को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
800 सहकारी सभाओं को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया जारी
सहकारिता विभाग ने 2023-24 में सहकारी सभाओं को पूरी तरह ऑनलाइन करने का प्रोजेक्ट शुरू किया था, जिसे 2027-28 तक पूरा किया जाना है। जिला कांगड़ा में 800 सहकारी सभाओं को ऑनलाइन प्रणाली के लिए चयनित किया गया है। इनमें से अब तक 60 सभाएं पूरी तरह कंप्यूट्राइज्ड हो चुकी हैं, जबकि बाकी को भी जल्द ऑनलाइन करने पर काम तेज किया जा रहा है।
विभाग में निरीक्षकों की कमी बनी चुनौती
राकेश कुमार ने माना कि सहकारिता विभाग में इस समय निरीक्षकों की कमी एक बड़ी समस्या है। विभाग लगातार सरकार के समक्ष इस मुद्दे को उठा रहा है और सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही निरीक्षकों की भर्ती करके इस कमी को दूर किया जाएगा।