चंडीगढ़ | हरियाणा के राजकीय महाविद्यालयों में दो साल कार्यकाल पूरा कर चुके प्राचार्य अब अपनी पसंद के कॉलेज में स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। उच्चतर शिक्षा विभाग ने सोमवार को इस प्रक्रिया को ऑनलाइन शुरू कर दिया है। हालांकि किसी महाविद्यालय में चार साल पूरा कर चुके प्राचार्यों के लिए स्थानांतरण प्रक्रिया में शामिल होना अनिवार्य है।
स्थानांतरण के लिए पात्रता की तिथि 31 अक्टूबर 2025 निर्धारित की गई है। विभाग ने बताया कि दो दिसंबर तक पोर्टल पर डेटा अपडेट किया जा सकेगा। स्थानांतरण के इच्छुक प्राचार्य 19 से 25 नवंबर के बीच अपने कॉलेज वरीयताओं का चयन कर सकेंगे। स्थानांतरण आदेश अगले वर्ष 5 फरवरी को जारी होंगे, और 15 फरवरी तक नए कॉलेज का आवंटन कर दिया जाएगा। प्रदेश में प्राचार्य के कुल 178 पद हैं, जिनके लिए यह ऑनलाइन स्थानांतरण नीति लागू की गई है।
सहायक प्राध्यापकों का स्थानांतरण:
इसके बाद सहायक प्राध्यापकों के लिए भी ऑनलाइन स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू होगी। किसी कॉलेज में एक साल कार्यरत सहायक प्राध्यापक ही स्थानांतरण में शामिल हो पाएंगे। उच्चतर शिक्षा विभाग ने 20 विषयों के 7882 पदों के लिए ऑनलाइन स्थानांतरण प्रारूप तैयार किया है। इसमें बायोलॉजी, केमिस्ट्री, कॉमर्स, कंप्यूटर साइंस, इंग्लिश, हिंदी, इतिहास, गणित, भौतिक शिक्षा, राजनीतिक विज्ञान, मनोविज्ञान, संस्कृत, पंजाबी, ज़ूलॉजी आदि शामिल हैं।
किसी कॉलेज में पांच साल कार्यकाल पूरा कर चुके सहायक प्राध्यापक ऑनलाइन स्थानांतरण प्रक्रिया में भाग लेने के लिए अनिवार्य होंगे।
मेरिट और वरीयता पैमाना:
स्थानांतरण में मेरिट निर्धारण के लिए 80 अंकों का पैमाना बनाया गया है, जिसमें आयु, जेंडर (महिला), दिव्यांगता, वैवाहिक स्थिति, स्वास्थ्य और सेवा अवधि शामिल हैं। विधवा, तलाकशुदा या कानूनी रूप से अलग रह रही महिला शिक्षकों को वरीयता दी जाएगी। दिव्यांग और अधिसूचित 22 गंभीर बीमारियों से पीड़ित शिक्षकों को भी राहत मिलेगी।
पूरी प्रक्रिया HRMS पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पूरी होगी, और प्रत्येक चरण का प्रमाणीकरण OTP आधारित प्रणाली से किया जाएगा।