Dharamshala, Rahul-:तपोवन विधानसभा परिसर में शुरू हुए शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन पंचायती राज चुनावों का मुद्दा सदन में गूंज उठा। कार्यवाही शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा विधायकों से सदन में शिष्टाचार भेंट कर सत्र के सुचारू संचालन के लिए शुभकामनाएं दीं। इसके बाद स्पीकर कुलदीप पठानिया ने सदन के नेता, नेता प्रतिपक्ष और सभी सदस्यों का स्वागत किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यवाही की औपचारिक शुरुआत हुई और संविधान दिवस के उपलक्ष्य में सदन ने संविधान की प्रस्तावना सामूहिक रूप से पढ़ी।
कार्यवाही के प्रारंभिक सत्र में मुख्यमंत्री सुक्खू ने शोकोदगार प्रस्तुत किए। इस दौरान स्पीकर और सभी सदस्यों ने पूर्व विधायक स्वर्गीय बाबू राम गौतम को श्रद्धांजलि अर्पित की। सदन ने दिवंगत नेता की स्मृति में दो मिनट का मौन भी रखा।इसके बाद सदन का माहौल तब गरमा गया जब विपक्ष ने पंचायती राज चुनावों के मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू किया। नियम 67 के तहत भाजपा विधायक रणधीर शर्मा और जीत राम कटवाल ने काम रोको प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आगामी पंचायती राज चुनावों में हार की आशंका से परेशान है, इसलिए जानबूझकर चुनाव प्रक्रिया टालने की कोशिश की जा रही है।
विपक्ष के अनुसार, सरकार और राज्य चुनाव आयोग के बीच टकराव की स्थिति खड़ी की जा रही है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए घातक है। रणधीर शर्मा ने सदन में कहा कि सरकार संविधान के मूल सिद्धांतों की अनदेखी कर रही है और चुनावों को लेकर जनता के अधिकारों से खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आपदा प्रबंधन अधिनियम का हवाला देकर चुनावों को रोकने की योजना बन रही है, जबकि प्रदेश में ऐसी कोई स्थिति नहीं है जो चुनावों में बाधा उत्पन्न करे।सरकार ने विपक्ष द्वारा प्रस्तुत काम रोको प्रस्ताव को स्वीकार किया, जिसके बाद सदन में इस विषय पर चर्चा के लिए समय निर्धारित किया गया। इसी बीच अध्यक्ष ने प्रश्नकाल की कार्यवाही को फिलहाल स्थगित कर दिया।सत्र के पहले ही दिन से सदन में माहौल तीखा हो गया है, और संकेत मिल रहे हैं कि पंचायती राज चुनावों के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच आगामी दिनों में और भी तीखी बहस देखने को मिलेगी।