Bilaspur, Subhash-:नौणी–शिमला फोरलेन परियोजना में स्थानीय टीपर ऑपरेटर्स को प्राथमिकता देने के वादे पर अमल न होने से बिलासपुर टीपर ऑपरेटर्स यूनियन और गाबर कंपनी के बीच विवाद तेज हो गया है। सोमवार को यूनियन ने कंपनी का कार्य पूरी तरह ठप कर दिया और उनकी गाड़ियों को साइट पर ही खड़ा करवा दिया। यूनियन के चेयरमैन सतदेव शर्मा और प्रधान चंदन चंदेल ने बताया कि निर्माण कार्य शुरू होने से पहले कंपनी ने जिला प्रशासन और यूनियन दोनों को विश्वास दिलाया था कि सभी परिवहन कार्य में स्थानीय गाड़ियों को ही महत्व दिया जाएगा।
यूनियन पदाधिकारियों का आरोप है कि अब कंपनी अपने वादे से पीछे हट गई है और बाहरी राज्यों की गाड़ियों को तवज्जो दे रही है। इससे स्थानीय ऑपरेटर्स को रोजगार से वंचित होना पड़ रहा है। यूनियन ने कड़े शब्दों में कहा कि स्थानीय लोगों की रोज़ी–रोटी से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।चेयरमैन सतदेव शर्मा ने बताया कि यूनियन ने कई बार कंपनी प्रबंधन से बात करने की कोशिश की, लेकिन केवल आश्वासन ही मिले, कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। मजबूर होकर यूनियन ने कंपनी के काम को रोकने का निर्णय लिया है।
प्रधान चंदन चंदेल, जो इस दौरान लाल जैकेट में मौके पर मौजूद थे, ने कहा कि यदि कंपनी ने जल्द स्थानीय गाड़ियों को काम पर नहीं लगाया, तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। यूनियन का कहना है कि फोरलेन निर्माण क्षेत्र में बाहरी गाड़ियों को काम नहीं दिया जाएगा और लोकल ऑपरेटर्स को उनका हक मिलने तक विरोध जारी रहेगा।धरने में उपप्रधान सूर्या चंदेल, महासचिव महेंद्र पाल, सह–कोषाध्यक्ष वेद प्रकाश, अड्डा इंचार्ज मोहित चौधरी, रवि महाजन, धर्मपाल, रोहित ठाकुर, सुनील कुमार, देश राज शर्मा सहित कई सदस्य मौजूद रहे।