Dharamshala, Rahul –हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में गुरुवार को एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने दिखाई दिए। नियम 67 के तहत चल रही चर्चा के दौरान हुई तीखी नोकझोंक के बाद नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मीडिया से बात करते हुए राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी पर अनुचित भाषा के इस्तेमाल और मुद्दे से हटकर बोलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मंत्री का रवैया न केवल चर्चा की भावना के खिलाफ है, बल्कि सदन की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाला भी है।
“हर बार सराज की बात, हर बार मुझ पर हमला” — जयराम ठाकुर
जयराम ठाकुर ने कहा कि नोटिस जिस मुद्दे पर दिया गया था, मंत्री उसी विषय पर नहीं बोल रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री लगातार सराज विधानसभा क्षेत्र का ज़िक्र करते हुए उन पर व्यक्तिगत टिप्पणी कर रहे हैं।जयराम ठाकुर ने कहा, “वह हर बार बात की शुरुआत सराज से करते हैं और अंत भी वहीं लाते हैं। उनका मकसद सिर्फ मुझे टार्गेट करना है। उन्होंने कई बार अनुचित भाषा का इस्तेमाल किया है, जो किसी मंत्री को शोभा नहीं देता।”
आपदा प्रबंधन को लेकर भी विवाद गहराया
नेता प्रतिपक्ष ने हालिया प्राकृतिक आपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि सराज क्षेत्र में 33 लोगों की जान गई और 22 लोग अब भी लापता हैं। ऐसे संवेदनशील समय में मंत्री का अधिकारियों पर दबाव बनाना ठीक नहीं है।उन्होंने दावा किया कि राहत सामग्री का वितरण पारदर्शी तरीके से किया गया और जो लोग मदद लेकर पहुंचे, उनकी मौजूदगी में ही सामग्री और चेक बांटे गए।जयराम ठाकुर ने कहा कि मंत्री इस पूरी प्रक्रिया को बिना कारण राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं।
ऐसे व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
आक्रामक रुख अपनाते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि मंत्री इसी तरह की भाषा का इस्तेमाल करते रहे, तो विपक्ष उनकी बात सदन में नहीं सुनेगा।उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री की मजबूरियां हो सकती हैं, लेकिन हमारी कोई मजबूरी नहीं। हम अनुचित भाषा और व्यवहार को सहन नहीं करेंगे।”
केंद्र से राहत राशि पर उठे सवाल
जयराम ठाकुर ने बताया कि हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाक़ात के दौरान हिमाचल के कई मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से राज्य को अब तक 5,500 करोड़ रुपये की सहायता मिल चुकी है।उन्होंने सवाल उठाया कि 2023 के बाद एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के पैसों का क्या हुआ और क्या यह राशि वास्तव में प्रभावितों तक पहुंची या कहीं और खर्च कर दी गई।जयराम ठाकुर ने कहा कि कुछ लोगों की मंशा राहत राशि को सही जगह पहुंचाने की बजाय उसे गलत तरीके से उपयोग करने की हो सकती है।