Shimla, 24 December-:शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) अस्पताल में मरीज के साथ कथित मारपीट का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। इस घटना ने न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि प्रदेश की राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है। विपक्ष ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
शिमला में मीडिया से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि IGMC जैसे प्रतिष्ठित अस्पताल में इस तरह की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। जयराम ठाकुर ने साफ शब्दों में कहा कि चिकित्सा सेवा एक नोबल प्रोफेशन है, जिसमें धैर्य और संवेदनशीलता सबसे अहम होती है। मरीज और उनके परिजन अक्सर मानसिक तनाव में रहते हैं, ऐसे में अगर उनसे कोई गलती या ऊंच-नीच हो जाए, तो उसे समझदारी और संयम के साथ संभालना चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में मरीज के साथ मारपीट को जायज नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। जयराम ठाकुर ने सरकार से आग्रह किया कि वह इस मामले में तुरंत दखल दे और अस्पताल में सामान्य स्थिति बहाल करे।उन्होंने यह भी कहा कि IGMC प्रदेश का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संस्थान है और यहां की घटनाएं पूरे हिमाचल की छवि को प्रभावित करती हैं। अगर ऐसे मामलों को समय रहते नहीं रोका गया, तो आम जनता का स्वास्थ्य व्यवस्था से विश्वास उठ सकता है। जयराम ठाकुर ने सरकार से डॉक्टरों, मरीजों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की भी अपील की।गौरतलब है कि IGMC अस्पताल में हुई इस घटना को लेकर प्रदेशभर में चिंता का माहौल है। लोग स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा, व्यवहार और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं अब सरकार की भूमिका पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।