सोनीपत। केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल खट्टर ने सोनीपत दौरे के दौरान अरावली पहाड़ियों में खनन को लेकर सख्त रुख दोहराया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अरावली क्षेत्र में खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है और यहां पर्यावरण को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर भ्रम फैलाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।
सोनीपत पहुंचे केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल खट्टर ने राई स्थित मोतीलाल नेहरू स्पोर्ट्स स्कूल के 53वें वार्षिक उत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह स्कूल खेल, शिक्षा और अनुशासन का बेहतरीन उदाहरण है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बच्चों और अभिभावकों के साथ कुर्सी दौड़ में भाग लेकर माहौल को और भी उत्साहपूर्ण बना दिया।
अपने संबोधन में खट्टर ने कहा कि अब वह सोच बदल चुकी है जिसमें पढ़ाई को ही सफलता का एकमात्र रास्ता माना जाता था। आज खेलों के जरिए भी युवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम कमा रहे हैं। खेल न केवल शारीरिक विकास करते हैं, बल्कि टीम भावना, अनुशासन और हार से सीखने की क्षमता भी विकसित करते हैं।
उन्होंने कहा कि हरियाणा और खेल एक-दूसरे के पर्याय बन चुके हैं। ओलंपिक, एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों ने देश का नाम रोशन किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी विभिन्न मंचों पर हरियाणा के खिलाड़ियों की सराहना करते रहे हैं। गांवों के अखाड़े आज भी प्रतिभा की नर्सरी बने हुए हैं, जहां से खिलाड़ी विश्व मंच तक पहुंच रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने हरियाणा सरकार की खेल नीति की सराहना करते हुए कहा कि “पदक पाओ–पद पाओ” नीति के तहत खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां और ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेताओं को छह करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि नशा समाज और देश के लिए घातक है, जबकि खेल, शिक्षा और अच्छे कार्य सकारात्मक ऊर्जा देते हैं।
अरावली के मुद्दे पर बोलते हुए खट्टर ने दोहराया कि पहाड़ियों में खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है और सरकार पर्यावरण संरक्षण को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं बेहद दुखद हैं और वहां की सरकार को हालात बिगड़ने से रोकने के लिए गंभीर कदम उठाने चाहिए।