Sonipat, 11 January-:कांग्रेस सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने मनरेगा और मजदूरों से जुड़े मुद्दों पर केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मनरेगा का नाम बदलकर योजना को धीरे-धीरे खत्म करने की कोशिश कर रही है। यह बात उन्होंने गांव प्रेम सुख नगर में प्रेम सुख धाम में आयोजित जैन संत उपेंद्र मुनि के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में कही।
सांसद ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलने का प्रयास जनता को भ्रमित करने और योजना की मूल भूमिका को कमजोर करने की रणनीति है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि जनकल्याणकारी योजना को खत्म करने का सोचा-समझा कदम है। हालांकि, सांसद नए नाम का खुलासा नहीं कर पाए और केवल “जी राम जी” कहकर रुक गए।सतपाल ब्रह्मचारी ने महात्मा गांधी का नाम योजनाओं से हटाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि गांधीजी बड़े राम भक्त थे और उन्होंने अंतिम समय में भी “हे राम” कहा था। ऐसे में उनके नाम को हटाना न केवल गलत है, बल्कि देश की आत्मा के साथ खिलवाड़ है।सांसद ने मनरेगा में केंद्र की हिस्सेदारी घटने का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि पहले केंद्र 90% खर्च वहन करता था, लेकिन अब हरियाणा सरकार को 40% हिस्सेदारी देनी पड़ रही है। उन्होंने मजदूरों के काम न मिलने और 15 लाख रुपये देने के वादे को पूरा न करने पर भी भाजपा सरकार की आलोचना की।
सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि कांग्रेस हमेशा मजदूर, किसान और जरूरतमंदों के हितों के लिए खड़ी रही है और भविष्य में भी सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी।सांसद ने जैन समाज की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जैन संत अहिंसा, करुणा और संयम का संदेश फैलाते आए हैं। उपेंद्र मुनि का जीवन त्याग, तपस्या और आत्मशुद्धि का प्रेरणास्रोत है, जो नई पीढ़ी को नैतिक मूल्यों और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।