इंदौर | इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से फैल रही बीमारी ने एक और जान ले ली है। सोमवार को 65 वर्षीय भगवान भारने ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके साथ ही इस मामले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। क्षेत्र में हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं और बड़ी संख्या में लोग अब भी बीमार हैं।
जानकारी के अनुसार, भागीरथपुरा की इमली गली निवासी भगवान भारने को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद शेल्बी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत बिगड़ने पर उन्हें आईसीयू में रखा गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इससे एक दिन पहले रविवार को 59 वर्षीय कमला बाई की भी एमवाय अस्पताल के आईसीयू में इलाज के दौरान मौत हो चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, दूषित पानी के कारण अब तक 3300 से अधिक लोग बीमार पड़ चुके हैं। इनमें से कई मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं और कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रारंभिक लक्षणों में उल्टी, दस्त और तेज बुखार सामने आ रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने प्रभावित इलाकों में पहुंचकर सर्वे किया और मरीजों को ओआरएस व दवाइयां उपलब्ध कराईं, लेकिन कई मामलों में स्थिति संभल नहीं पाई। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि कुछ मृतक पहले से अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे, फिर भी हर मामले की स्पष्टता के लिए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
गौरतलब है कि 29 दिसंबर को भागीरथपुरा में दूषित पानी से बीमारियों का मामला सामने आया था। इसके बाद लगातार मौतों की खबरें आ रही हैं। मामले को लेकर हाई कोर्ट में जनहित याचिका पर सुनवाई होनी है। अदालत ने नगर निगम से जवाब तलब किया है, जिससे प्रशासनिक लापरवाही पर जवाबदेही तय होने की उम्मीद जताई जा रही है।