नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मनी के चांसलर से बातचीत के दौरान भारतीय बच्ची अरिहा शाह के मामले को गंभीरता से उठाया। अरिहा पिछले करीब चार वर्षों से जर्मनी में फोस्टर केयर में रह रही है। प्रधानमंत्री ने इस विषय को मानवीय और संवेदनशील बताते हुए बच्ची की भलाई पर जोर दिया।
सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी ने कहा कि अरिहा को अपने परिवार, भाषा और सांस्कृतिक माहौल में रहने का अधिकार मिलना चाहिए। भारत सरकार चाहती है कि बच्ची का भविष्य उसके माता-पिता और मूल पहचान के साथ सुरक्षित किया जाए।
अरिहा शाह को सितंबर 2021 में महज सात महीने की उम्र में जर्मन बाल कल्याण एजेंसी ने संरक्षण में लिया था। बाद में माता-पिता पर लगे आरोप खारिज हो गए, लेकिन बच्ची अब भी फोस्टर केयर में है। फिलहाल माता-पिता को सीमित समय के लिए ही मुलाकात की अनुमति है।
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत इस मामले को कूटनीतिक और मानवीय स्तर पर लगातार जर्मन सरकार के समक्ष उठाता रहेगा। सरकार का कहना है कि बच्ची के हित सर्वोपरि हैं और हर संभव प्रयास जारी रहेगा।