कोलकाता | I-PAC दफ्तर पर ईडी की छापेमारी के बाद मामला राजनीतिक रूप ले चुका है और अब इसे कोलकाता हाईकोर्ट में ले जाया गया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने सुरक्षा कारणों से केवल पक्षकारों और उनके वकीलों को प्रवेश की अनुमति दी, जबकि आम जनता और मीडिया को कोर्ट रूम में प्रवेश नहीं दिया गया।
ईडी ने हाईकोर्ट में यह आरोप लगाया कि छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य के वरिष्ठ अधिकारीयों ने कार्रवाई में बाधा डाली और महत्वपूर्ण दस्तावेज, लैपटॉप, हार्ड डिस्क व मोबाइल फोन जबरन अपने कब्जे में ले लिए। एजेंसी का कहना है कि इस घटना का उद्देश्य जांच को प्रभावित करना और सबूतों को नष्ट करना था।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने ईडी पर आरोप लगाया कि एजेंसी ने उनके गोपनीय दस्तावेज और डेटा जब्त कर लिया। दोनों पक्षों ने कोर्ट में याचिका दायर की है। सुनवाई में ईडी ने मामले को सुप्रीम कोर्ट में पहले से चल रही प्रक्रिया से जोड़ते हुए स्थगन की अपील की।
I-PAC के प्रमुख प्रतीक जैन और उनके कार्यालय को भी पिछले सप्ताह कोयला तस्करी मामले में छापेमारी का सामना करना पड़ा था। ईडी ने हाईकोर्ट से मांग की है कि जांच में किसी भी तरह की बाधा नहीं आने पाए और कार्रवाई निष्पक्ष रूप से पूरी की जाए।
कोलकाता हाईकोर्ट की बेंच ने मामला संज्ञान में लेते हुए सुनवाई जारी रखी है। अदालत ने कहा कि सभी पक्षों की दलीलों के बाद ही कोई अंतिम फैसला होगा। इस मामले की राजनीतिक संवेदनशीलता और उच्चतम स्तर की सुरक्षा की वजह से कोर्ट परिसर में सख्त नियम लागू किए गए हैं।