Shimla, 15 January-:मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत राज्य के चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस (सीसीआई) सराहन, टूटीकंडी और मशोबरा में रहने वाले ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ 10 दिवसीय विशेष शैक्षणिक एवं अनुभवात्मक भ्रमण से वीरवार देर शाम शिमला लौटे। इस भ्रमण में इन तीन बाल देखभाल संस्थानों के कुल 52 बच्चों ने भाग लिया।
उपायुक्त अनुपम कश्यप और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी ने बच्चों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी प्रोटोकॉल ज्योति राणा, जिला कार्यक्रम अधिकारी ममता पॉल सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। बच्चों के स्वागत के अवसर पर उपायुक्त ने सभी के लिए रात्रि भोज का आयोजन भी किया और उनके भ्रमण अनुभव साझा करवाए।
उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना का उद्देश्य बच्चों को केवल संरक्षण प्रदान करना ही नहीं है, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक अवसर उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने बताया कि इस यात्रा के माध्यम से बच्चे राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विरासत, आधुनिक बुनियादी ढांचा और शैक्षणिक संस्थानों से परिचित हुए, जिससे उनका शैक्षणिक और सामाजिक विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि 28 फरवरी 2023 से इस योजना के तहत 4000 अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रूप में अपनाया गया है। इन बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, जेब खर्च, करियर काउंसलिंग और देश-विदेश भ्रमण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। बड़े होकर स्टार्ट-अप शुरू करने के लिए प्रत्येक बच्चे के लिए 2 लाख रुपये का प्रावधान भी किया गया है।यह भ्रमण कार्यक्रम 6 जनवरी से 15 जनवरी, 2026 तक आयोजित किया गया। इस दौरान बच्चों ने चंडीगढ़, दिल्ली, आगरा और गोवा सहित देश के प्रमुख ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक स्थलों का दौरा किया। उन्होंने वोल्वो बस, वंदे भारत एक्सप्रेस, मेट्रो, हवाई यात्रा, क्रूज और हॉप-ऑन हॉप-ऑफ पर्यटन बस जैसी आधुनिक परिवहन सुविधाओं का अनुभव भी लिया।
दिल्ली में बच्चों ने लाल क़िला, कुतुब मीनार, इंडिया गेट, राजघाट, शक्ति स्थल, वीर भूमि, हुमायूं का मकबरा, राष्ट्रीय प्राणी उद्यान, राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय, नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक, इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स, त्रिवेणी कला संगम और राष्ट्रीय प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय का भ्रमण किया। आगरा में ताजमहल और गोवा में उत्तर गोवा के कलंगुट, फोर्ट अगुआड़ा, अंजुना बीच, डोना पाउला, भारतीय समुद्र विज्ञान संस्थान और क्रूज यात्रा के साथ-साथ दक्षिण गोवा में चर्च, मंगेशी मंदिर, वार्का बीच, पणजी शहर और स्पाइस गार्डन का भ्रमण किया।
भ्रमण के अनुभव साझा करते हुए बच्चों ने कहा कि उन्होंने फिल्मों और किताबों में देखी चीज़ों को अपनी आंखों से देखने का अवसर पाया। रितिका, पारस नेगी, आशीष और राहुल ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के प्रयासों के कारण ही उन्हें यह अवसर मिला और अगर मुख्यमंत्री न होते तो शायद उनके सपने सच्च नहीं हो पाते।इस कार्यक्रम ने बच्चों के समग्र विकास, आत्मविश्वास और देश-भक्ति की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।