गुरुग्राम। गुरुग्राम पुलिस ने निवेश और ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर अपराध गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह के तार दुबई में बैठे साइबर ठगों से जुड़े पाए गए हैं। साइबर अपराध थाना पश्चिम की टीम ने राजस्थान के कोटा में कार्रवाई करते हुए गिरोह से जुड़े नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के पास से 13 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप, एक टैबलेट और 37 एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। ये आरोपी फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप, ऑनलाइन कसीनो और गेमिंग लिंक के जरिए लोगों को निवेश का लालच देकर ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे।
मामले का खुलासा 15 दिसंबर 2024 को दर्ज एक शिकायत के बाद हुआ। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से स्टॉक ट्रेडिंग में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया। बाद में फर्जी लिंक और चैट के जरिये उससे धोखाधड़ी कर रकम हड़प ली गई। शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की गई।
सहायक पुलिस आयुक्त साइबर अपराध प्रियान्शु दिवान के नेतृत्व में निरीक्षक संदीप कुमार और उनकी टीम ने तकनीकी साक्ष्यों व सूचना संकलन के बाद कोटा में दबिश दी और नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में कोटा निवासी लेखराज, मनीष, अनिल बैरागी, सोनू, दीपक, हिमांशु, बारा का मनीष मीणा, मध्य प्रदेश के रीवा निवासी संस्कार उर्फ प्रांशु और इंदौर का गगन पटेल शामिल हैं।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी कोटा में किराये के फ्लैट से ठगी का नेटवर्क चला रहे थे। वे सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए लोगों को फंसाकर विभिन्न खातों में पैसे ट्रांसफर कराते थे। आरोपियों अनिल बैरागी और संस्कार उर्फ प्रांशु ने दुबई में बैठे साइबर ठगों से संपर्क होने की बात कबूल की है।
पुलिस ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी से जुड़े बैंक खातों की जांच जारी है। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी अनजान लिंक, निवेश प्रस्ताव या ऑनलाइन गेमिंग ऑफर से सावधान रहें और संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।