पंजाब । शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता अर्शदीप कलेर ने आम आदमी पार्टी सरकार पर कानून-व्यवस्था और गैंगस्टर मामलों को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है और कई मामलों में सरकार की भूमिका सवालों के घेरे में दिखाई दे रही है।
अर्शदीप कलेर ने गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया को मोहाली कोर्ट से मिली राहत का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अदालत में सरकार की ओर से यह दलील दी गई कि आरोपी के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि यदि सरकार गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दावा करती है, तो फिर कोर्ट में ऐसा रुख क्यों अपनाया गया। कलेर ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से स्पष्ट करने की मांग की कि यह फैसला किसके निर्देश पर लिया गया।
अकाली दल प्रवक्ता ने कहा कि एक ओर आम आदमी पार्टी अपराध के खिलाफ कठोर कार्रवाई की बात करती है, जबकि दूसरी ओर राज्य में आपराधिक घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि बीते करीब 20 दिनों में पंजाब में कई गंभीर वारदातें हुई हैं, जिनमें सत्तारूढ़ दल से जुड़े एक सरपंच की हत्या भी शामिल है। उनके अनुसार, यह स्थिति सरकार की कथनी और करनी के अंतर को उजागर करती है।
कलेर ने यह भी आरोप लगाया कि तरनतारन उपचुनाव के दौरान जग्गू भगवानपुरिया को असम की जेल से पंजाब लाया गया और बाद में सरकार ने कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर उसके खिलाफ सबूत न होने की बात कही, जो गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने बेअदबी मामलों को लेकर भी सरकार पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि जहां मंचों से सख्त बयान दिए जाते हैं, वहीं पार्टी से जुड़े लोग सजा भुगत रहे हैं।
इसके अलावा, उन्होंने गुरु साहिब से जुड़ी टिप्पणी के मामले में दिल्ली की मंत्री आतिशी को बचाने के प्रयासों का आरोप लगाया। कलेर के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत किए जाने के बाद जनता का ध्यान भटकाने के लिए अन्य विषयों को उछाला गया।
शिरोमणि अकाली दल ने इन सभी मामलों में पंजाब सरकार से जवाबदेही तय करने और स्थिति को स्पष्ट करने की मांग की है।