नई दिल्ली।देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के सामने अगले महीने एक बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है। 10 फरवरी के बाद पायलटों के लिए लागू होने वाले नए और सख्त फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों के तहत इंडिगो को यह स्पष्ट करना होगा कि वह रोजाना 2,000 से अधिक उड़ानों का संचालन कर पाएगी या नहीं। इस संबंध में एयरलाइन को नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) को तय समयसीमा तक जवाब देना अनिवार्य होगा।
दरअसल, इंडिगो को ए320 विमान बेड़े के पायलटों के लिए FDTL नियमों में मिली अस्थायी छूट 10 फरवरी को समाप्त हो रही है। इसके बाद एयरलाइन को नए नियमों का पूरी तरह पालन करना होगा। यदि इंडिगो इन नियमों के तहत अपनी मौजूदा उड़ान क्षमता बनाए रखने में असमर्थ रहती है, तो डीजीसीए और नागरिक उड्डयन मंत्रालय उड़ानों में कटौती जैसे सख्त फैसले ले सकते हैं।
सरकार और नियामक इस मामले को लेकर इसलिए भी सतर्क हैं क्योंकि दिसंबर 2025 में इंडिगो की उड़ान व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई थी। उस दौरान सैकड़ों उड़ानें रद्द हुईं और लाखों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए डीजीसीए किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता।
नए नियमों से बढ़ी पायलटों की जरूरत
नए FDTL नियमों का उद्देश्य उड़ान सुरक्षा को और मजबूत करना है। इसके तहत पायलटों का साप्ताहिक आराम समय 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे कर दिया गया है। साथ ही, रात की उड़ानों में लैंडिंग की संख्या सीमित की गई है और कुल ड्यूटी समय में भी कटौती की गई है। इन बदलावों के चलते इंडिगो को अपने ए320 बेड़े के लिए पहले से कहीं अधिक पायलटों की आवश्यकता पड़ रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंडिगो इस समय लगातार ड्राई रन कर रही है। एयरलाइन अपने शेड्यूलिंग सॉफ्टवेयर के जरिए उपलब्ध पायलटों और उड़ानों की संख्या का मिलान कर यह आकलन कर रही है कि 10 फरवरी के बाद परिचालन किस हद तक संभव होगा। 1 फरवरी से ही नए नियमों के अनुरूप क्रू रोस्टर तैयार किए जा रहे हैं।
दिसंबर की गड़बड़ी पर लगा भारी जुर्माना
दिसंबर 2025 में उड़ान संचालन में आई अव्यवस्था को लेकर डीजीसीए ने जांच के बाद इंडिगो पर 22.2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। हालांकि, फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) का दावा है कि जांच में पूरी सच्चाई सामने नहीं आई। संगठन के अध्यक्ष कैप्टन सीएस रंधावा के अनुसार, समस्या केवल तीन दिनों तक सीमित नहीं थी, बल्कि मिड-दिसंबर तक हजारों उड़ानें प्रभावित हुईं और तीन लाख से ज्यादा यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
अब सभी की नजरें 10 फरवरी पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि इंडिगो नए नियमों के साथ अपनी विशाल उड़ान व्यवस्था को संभाल पाएगी या नहीं।