नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से जुड़े मामले को गंभीर बताते हुए इसे संसद में उठाने का भरोसा दिया है। इंदौर दौरे के दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेताओं से कहा कि वे इस विषय पर विधानसभा में मजबूती से सरकार को घेरें और जवाब तलब करें। राहुल गांधी के निर्देश के बाद कांग्रेस अब 16 फरवरी से शुरू होने वाले मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा कराने की तैयारी कर रही है।
कांग्रेस की रणनीति के तहत भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े नगरीय क्षेत्रों में सप्लाई किए जा रहे पेयजल के नमूनों की रिपोर्ट और जलापूर्ति व्यवस्था पर अब तक हुए खर्च को आधार बनाकर राज्य सरकार से सवाल पूछे जाएंगे। पार्टी नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी के दौरे के बाद यह मामला अब केवल स्थानीय नहीं रहा, बल्कि राज्यव्यापी मुद्दा बन गया है।
कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह समस्या सिर्फ एक नगर निगम क्षेत्र तक सीमित नहीं है। प्रदेशभर में सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जो सरकार की बड़ी नाकामी को दर्शाता है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा केवल दिखावटी कार्रवाई कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। नेताओं ने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने पीड़ितों के बीच पहुंचकर उनकी पीड़ा सुनी, लेकिन अब तक न मुख्यमंत्री और न ही भाजपा का कोई बड़ा राष्ट्रीय नेता प्रभावित इलाके में गया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि विधानसभा में यह सवाल उठाया जाएगा कि दूषित पानी से जिन लोगों की जान गई, उनकी जिम्मेदारी किसकी है। उन्होंने पूछा कि नगरीय विकास एवं आवास विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
भागीरथपुरा में दूषित पानी से जान गंवाने वालों के परिजनों को सरकार की ओर से दो-दो लाख रुपये की सहायता दी जा चुकी है, लेकिन कांग्रेस इस राशि को अपर्याप्त बता रही है। राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस की ओर से मृतकों के स्वजन को एक-एक लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता भी दी गई। वहीं, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अलग से 50-50 हजार रुपये की मदद देने की घोषणा की। कांग्रेस का कहना है कि जब विपक्ष पीड़ितों को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की सहायता दे सकता है, तो सरकार को भी मुआवजे की राशि बढ़ानी चाहिए।
मामले पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सरकार पूरे प्रकरण पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता के अनुसार हरसंभव सहायता की जाएगी। उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा के नागरिक सरकार के अपने हैं और उनकी मदद के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।