फरीदाबाद। फरीदाबाद में रविवार सुबह घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। सुबह छह बजे हालात ऐसे रहे कि दृश्यता लगभग शून्य तक पहुंच गई, जबकि सात से आठ बजे के बीच भी दृश्यता महज 10 मीटर दर्ज की गई। कोहरे के साथ बढ़ी ठिठुरन ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया। मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
सुबह करीब साढ़े दस बजे सूर्य निकलने के बाद लोगों को कुछ राहत मिली। अवकाश का दिन होने के कारण धूप खिलते ही कई लोग परिवार के साथ पार्कों और खुले स्थानों की ओर निकल पड़े। हालांकि शाम ढलते ही एक बार फिर ठंड का असर तेज हो गया और तापमान में गिरावट से सर्दी का प्रकोप बढ़ गया।
लगातार ठंड और कोहरे के चलते सरकारी व निजी अस्पतालों में खांसी, बुखार, सर्दी-जुकाम और सांस से जुड़ी समस्याओं के मरीजों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक धूप न मिलने से शरीर को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिल पाती, जिससे रक्त संचार और रोग प्रतिरोधक क्षमता पर असर पड़ता है।
नागरिक अस्पताल में आपातकालीन विभाग में भी मरीजों की भर्ती बढ़ी है। डीग गांव निवासी राजबाला को बुखार और खून की कमी के चलते भर्ती कराया गया, जबकि मेवला महाराजपुर की अंजलि को सांस लेने में तकलीफ के कारण अस्पताल में उपचाराधीन रखा गया है।
यथार्थ अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन निदेशक डॉ. राजीव चौधरी ने बताया कि तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव से इम्युनिटी कमजोर हो सकती है, जिससे सर्दी, खांसी, गले में खराश, जोड़ों के दर्द और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने परतों में गर्म कपड़े पहनने और खानपान में सावधानी बरतने की सलाह दी।
उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामभगत ने भी लोगों से ठंड के मौसम में खुद को हाइड्रेट रखने, नियमित हल्का व्यायाम करने, पर्याप्त नींद लेने और मौसमी फल-सब्जियों के सेवन की अपील की है। उनका कहना है कि धूप निकलने के बाद टहलना इम्युनिटी और रक्त संचार के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।