पंजाब | पंजाब केसरी ग्रुप के खिलाफ पंजाब सरकार की कार्रवाई को लेकर सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कांग्रेस विधायक बलविंदर सिंह धालीवाल ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी सरकार पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने सरकार की कार्रवाई को प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार बताया।
कांग्रेस विधायक ने अपने ट्वीट में कहा कि जब सरकारें आलोचनात्मक सुर्खियों से घबराने लगती हैं, तो वे मीडिया संस्थानों और प्रिंटिंग प्रेस को निशाना बनाती हैं। उनका आरोप है कि ऐसी कार्रवाइयां लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं और अभिव्यक्ति की आजादी को कमजोर करती हैं।
धालीवाल ने सुप्रीम कोर्ट की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि शीर्ष अदालत को हस्तक्षेप कर पंजाब केसरी ग्रुप की स्वतंत्रता की रक्षा करनी पड़ी, जो अपने आप में गंभीर संकेत है। उन्होंने कहा कि यदि प्रेस पर राजनीतिक दबाव बनाया जाएगा, तो लोकतंत्र की नींव कमजोर होगी।
उन्होंने आगे कहा कि प्रेस की आजादी किसी भी तरह की राजनीतिक धमकी या सरकारी दबाव में जीवित नहीं रह सकती। कांग्रेस विधायक के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है।
वहीं, सुप्रीम कोर्ट द्वारा पंजाब सरकार की कार्रवाई पर संज्ञान लेने के बाद मीडिया की स्वतंत्रता को लेकर बहस और गहराती नजर आ रही है। इस पूरे मामले पर अब सभी की नजरें राज्य सरकार की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।