नई दिल्ली। भारत ने रक्षा निर्यात के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को महाराष्ट्र के नागपुर स्थित एक निर्माण इकाई से आर्मेनिया के लिए पिनाका गाइडेड मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम की पहली खेप को हरी झंडी दिखाई। यह कदम भारत को एक भरोसेमंद रक्षा निर्यातक के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
पिनाका रॉकेट सिस्टम अपनी उच्च सटीकता और लंबी मारक क्षमता के लिए जाना जाता है। इसके मौजूदा वेरिएंट 75 किलोमीटर तक लक्ष्य भेदने में सक्षम हैं, जबकि हाल ही में सफल परीक्षण किए गए नए संस्करण की रेंज 120 किलोमीटर तक पहुंच चुकी है। यह प्रणाली भारतीय सेना की मारक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी भारत की पहचान बना रही है।
रक्षा निर्यात में भारत ने रचा इतिहास
इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड में निर्मित पिनाका रॉकेट सिस्टम का निर्यात शुरू होना ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल रक्षा उपकरणों का आयातक नहीं, बल्कि तेजी से एक प्रमुख निर्यातक के रूप में उभर रहा है।
आंकड़ों के मुताबिक, बीते एक दशक में भारत का रक्षा निर्यात 1,000 करोड़ रुपये से बढ़कर रिकॉर्ड 24,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, घरेलू रक्षा उत्पादन भी 2014 के 46,425 करोड़ रुपये से बढ़कर अब 1.51 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच चुका है।
निजी क्षेत्र की अहम भूमिका
रक्षा मंत्री ने इस प्रगति का श्रेय निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी को दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी और निजी कंपनियों के सहयोग से ही पिनाका जैसे उन्नत हथियार सिस्टम विकसित हो पाए हैं, जो आज वैश्विक रक्षा बाजार में भारत का परचम लहरा रहे हैं।
आर्मेनिया के साथ 2,000 करोड़ का बड़ा सौदा
सितंबर 2022 में भारत और आर्मेनिया के बीच लगभग 2,000 करोड़ रुपये (करीब 250 मिलियन डॉलर) का रक्षा समझौता हुआ था। इस डील के तहत चार पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर बैटरी, एंटी-टैंक रॉकेट, गोला-बारूद और अन्य सैन्य उपकरण शामिल हैं। पहले अनगाइडेड पिनाका सिस्टम की आपूर्ति जुलाई 2023 से शुरू होकर नवंबर 2024 तक पूरी हो चुकी थी। अब पहली बार गाइडेड पिनाका रॉकेट की खेप भेजी गई है।
लगातार उन्नत होता पिनाका
शुरुआत में पिनाका की मारक क्षमता 37.5 किलोमीटर थी, जिसे लगातार अपग्रेड किया गया। अप्रैल 2022 में भारतीय सेना ने 75 किलोमीटर से अधिक रेंज वाले पिनाका Mk-I एन्हांस्ड को शामिल किया। वहीं, दिसंबर 2025 में 120 किलोमीटर रेंज वाले नए रॉकेट का सफल परीक्षण किया गया, जिसे मौजूदा लॉन्चर से ही दागा जा सकेगा।
अन्य देशों की भी बढ़ती रुचि
आर्मेनिया भले ही पिनाका का पहला पक्का विदेशी खरीदार हो, लेकिन इसकी मांग अब अन्य देशों में भी तेजी से बढ़ रही है। दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों के साथ-साथ यूरोप में फ्रांस जैसे राष्ट्र भी इस सिस्टम में रुचि दिखा रहे हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पिनाका भारत के रक्षा निर्यात का प्रमुख चेहरा बनता जा रहा है।