Faridabad, 25 January-: हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ और अनुभवी आईपीएस अधिकारी राजेश दुग्गर को गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर उनकी विशिष्ट सेवा और बहुमूल्य योगदान के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें पुलिस सेवा में उनके लगभग 32 वर्षों के निष्कलंक, साहसिक और उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रदान किया गया है।
राजेश दुग्गर ने 9 दिसंबर 1993 को हरियाणा पुलिस में अपनी सेवाएँ प्रारंभ की। लंबे समय तक सेवा देने के दौरान उन्होंने अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और बेदाग छवि के कारण पुलिस विभाग में एक अलग पहचान बनाई। उनके नेतृत्व में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, वीआईपी सुरक्षा, संवेदनशील अपराधों की रोकथाम और चुनावी सुरक्षा जैसी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को सफलता पूर्वक निभाया गया।विभिन्न जिलों में उनकी सेवाओं की सराहना की जाती रही है। झज्जर और पलवल में पुलिस अधीक्षक रहते हुए उन्होंने नशा तस्करी और अवैध हथियारों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई की। इसके अलावा, रोहतक, रेवाड़ी, झज्जर, पलवल, पानीपत और नूंह में एसपी/पुलिस कप्तान के रूप में कार्य करने के साथ-साथ गुरुग्राम में डीसीपी (अपराध) और फरीदाबाद पुलिस कमिश्नरेट में चार बार पुलिस उपायुक्त के पद पर तैनात रहे।
साहस और वीरता के क्षेत्र में उनके योगदान को विशेष मान्यता मिली। वर्ष 2008 में गुरुग्राम के उद्योग विहार क्षेत्र में सहायक पुलिस आयुक्त रहते हुए कुख्यात अपराधी राजीव उर्फ पोचू के साथ मुठभेड़ में उनके अद्वितीय साहस के लिए उन्हें स्वतंत्रता दिवस 2010 पर राष्ट्रपति का वीरता पुलिस पदक प्रदान किया गया। इसके अलावा, गणतंत्र दिवस 2014 पर उन्हें उत्कृष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी सम्मानित किया गया।
वर्ष 2024 में बल्लभगढ़ में डीसीपी पद पर रहते हुए उन्हें पुलिस उपमहानिरीक्षक के पद पर पदोन्नति मिली। इसके बाद उन्होंने संयुक्त पुलिस आयुक्त गुरुग्राम और राज्य अपराध शाखा में सेवाएँ दी। नवंबर 2024 से वे फरीदाबाद में संयुक्त पुलिस आयुक्त के रूप में तैनात हैं, जहां उनके पास शस्त्र लाइसेंसिंग अथॉरिटी और यातायात का अतिरिक्त कार्यभार भी है।फरीदाबाद पुलिस परिवार राजेश दुग्गर जैसे कर्मठ, निष्ठावान और साहसी अधिकारी पर गर्व महसूस करता है। उनके नेतृत्व और सेवा के अनुभव ने न केवल पुलिस विभाग को बल्कि समाज में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को भी मजबूत किया है।