गुरुग्राम। गुरुग्राम के बसई गांव के पास दिल्ली-रेवाड़ी रेलवे ट्रैक पर रविवार शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें 35 वर्षीय संजीत कुमार की इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन से कटकर मौत हो गई। संजीत बिहार के पटना जिले के बेला गांव के निवासी थे और निजी कंपनी में काम करते थे। वह परिवार के साथ बसई गांव के पास ही रह रहे थे। घटना के समय संजीत ट्रैक पर मोबाइल फोन में व्यस्त थे और ट्रेन का हॉर्न सुनने में असमर्थ थे।
परिवार के अनुसार संजीत रविवार को कंपनी में छुट्टी होने के कारण घर से बाहर घूमने निकले थे। रेलवे ट्रैक गांव के पास ही था और संजीत सेक्टर नौ ओवरब्रिज के नज़दीक बैठकर मोबाइल फोन पर व्यस्त हो गए। इसी दौरान नई दिल्ली से फिरोजपुर कैंट जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन ने उन्हें कुचल दिया। ट्रेन के लोको पायलट ने तुरंत घटना की सूचना कंट्रोल रूम को दी।
जीआरपी की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को ट्रैक के पास क्षत-विक्षत अवस्था में बरामद किया और पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को स्वजनों को सौंप दिया। जांच में पता चला कि मृतक के मोबाइल में रेलवे ट्रैक की कई तस्वीरें मौजूद थीं। प्रारंभिक जांच में यह हादसा लापरवाही और असावधानी का परिणाम माना जा रहा है।
संजीत के परिवार में उनकी पत्नी और एक बेटा हैं। इस हादसे ने एक बार फिर रेलवे ट्रैक पर सुरक्षा और सावधानी का महत्व उजागर किया। रेलवे अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि ट्रैक पर कभी भी बैठना या मोबाइल में व्यस्त रहना जानलेवा हो सकता है। छोटे से छोटा असावधानी का कदम भी गंभीर परिणाम दे सकता है। पड़ोसी और स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और परिवार को सहानुभूति दी।
यह हादसा हमें यह सिखाता है कि रेलवे ट्रैक पर किसी भी प्रकार का लापरवाह व्यवहार जानलेवा साबित हो सकता है। सुरक्षा नियमों का पालन और सतर्कता किसी भी दुर्घटना को टाल सकती है।