Mandi, Dharamveer-:मंडी जिले की धर्मपुर विधानसभा सीट एक बार फिर सियासी हलचलों के केंद्र में आ गई है। पूर्व मंत्री और दिग्गज नेता ठाकुर महेंद्र सिंह की बेटी व जिला परिषद सदस्य वंदना गुलेरिया ने अपने ही भाई और भाजपा नेता रजत ठाकुर के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। मौका था ठाकुर महेंद्र सिंह के 76वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में 24 जनवरी को टीहरा में आयोजित एक कार्यक्रम का, जो देखते ही देखते राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन में तब्दील हो गया।
कार्यक्रम के दौरान खुले मंच से वंदना गुलेरिया ने पार्टी हाईकमान को घेरते हुए साफ शब्दों में कहा कि धर्मपुर की जनता को विधायक नहीं, बल्कि मंत्री की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि अगली बार भी यहां से केवल विधायक ही चुना गया तो क्षेत्र के अधूरे विकास कार्य पूरे नहीं हो पाएंगे। वंदना के इस बयान को मौजूदा कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर ठाकुर पर कम और अपने भाई रजत ठाकुर पर अधिक राजनीतिक हमला माना जा रहा है, क्योंकि इस समय रजत ठाकुर भी मंच पर मौजूद थे।वंदना गुलेरिया ने मंच से यह तक कह दिया कि उनके पिता और पूर्व मंत्री ठाकुर महेंद्र सिंह को फिर से चुनावी रण में उतरना चाहिए। उन्होंने उम्र को लेकर उठने वाले सवालों पर तंज कसते हुए कहा कि जब 75 वर्ष की उम्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश चला सकते हैं, तो उनके पिता महेंद्र सिंह ठाकुर प्रदेश की सेवा क्यों नहीं कर सकते। वंदना के इस बयान ने साफ कर दिया कि वह आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर परिवार और पार्टी दोनों के भीतर नई बहस छेड़ना चाहती हैं।
इस दौरान कार्यक्रम में वंदना गुलेरिया का शक्ति प्रदर्शन भी साफ तौर पर देखने को मिला। मंच के सामने मौजूद कार्यकर्ताओं ने उनके समर्थन में जमकर नारेबाजी की। यह नजारा उस समय और भी राजनीतिक मायने लेने लगा, जब उनके भाई रजत ठाकुर मंच पर चुपचाप बैठे रहे। हालांकि अपने संबोधन के अंत में वंदना गुलेरिया ने इशारों-इशारों में भाई रजत से माफी मांगने की कोशिश भी की, लेकिन तब तक उनका संदेश पार्टी और क्षेत्र में पहुंच चुका था।वंदना गुलेरिया के इस बयान से यह भी स्पष्ट हो गया है कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान टिकट को लेकर भाई-बहन के बीच पड़ी दरार अभी तक पूरी तरह भरी नहीं है, बल्कि समय के साथ और गहरी होती नजर आ रही है।
गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनावों में वंदना गुलेरिया भी धर्मपुर से भाजपा टिकट की दावेदार थीं। उस समय पार्टी हाईकमान ने उम्र संबंधी मापदंडों का हवाला देते हुए पूर्व मंत्री ठाकुर महेंद्र सिंह का टिकट काट दिया था और पहली बार उनके बेटे रजत ठाकुर को चुनावी मैदान में उतारा गया था.चुनाव परिणामों में रजत ठाकुर को हार का सामना करना पड़ा और धर्मपुर विधानसभा सीट भाजपा के हाथ से निकल गई।टिकट न मिलने से नाराज वंदना गुलेरिया ने उस समय न केवल पार्टी बल्कि अपने परिवार के खिलाफ भी खुलकर नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा की थी, जिसमें लिखा था कि हर बार बेटियों की ही बलि क्यों ली जाती है। इस पोस्ट को परिवार और पार्टी दोनों के खिलाफ बगावत के तौर पर देखा गया था। इसके बाद वंदना ने भाजपा महिला मोर्चा की महामंत्री पद से 55 महिला कार्यकर्ताओं के साथ सामूहिक इस्तीफा भी दे दिया था।
वर्तमान में वंदना गुलेरिया जिला परिषद वार्ड ग्रयोह से जिला परिषद सदस्य हैं। इससे पहले वर्ष 2015 में उन्हें इसी क्षेत्र से हार का सामना भी करना पड़ा था, लेकिन इसके बावजूद वे स्थानीय राजनीति में सक्रिय बनी हुई हैं।अगर धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के राजनीतिक इतिहास की बात करें, तो यह सीट लंबे समय तक ठाकुर महेंद्र सिंह का गढ़ रही है। उन्होंने करीब 35 वर्षों तक इस क्षेत्र में एकछत्र राज किया और लगातार सात बार विधानसभा चुनाव जीते। खास बात यह रही कि उन्होंने पांच चुनाव अलग-अलग राजनीतिक दलों से जीतने का रिकॉर्ड भी बनाया। वर्ष 1990 में उन्होंने अपना पहला चुनाव लड़ा था, जबकि 2017 उनका अंतिम विधानसभा चुनाव रहा।
अपने लंबे राजनीतिक करियर के दौरान ठाकुर महेंद्र सिंह तीन बार मंत्री रहे, जिनमें पिछली भाजपा सरकार में वे जल शक्ति मंत्री के पद पर भी रहे। वर्ष 2022 में वे 73 वर्ष के हो चुके थे, जिसके चलते पार्टी हाईकमान ने उम्र संबंधी नीति के तहत उन्हें टिकट नहीं दिया। मंडी जिले में धर्मपुर विधानसभा एकमात्र ऐसी सीट रही, जहां भाजपा को हार का सामना करना पड़ा।अब वंदना गुलेरिया के ताजा बयान और शक्ति प्रदर्शन के बाद यह साफ है कि धर्मपुर में भाजपा के भीतर सियासी खींचतान एक बार फिर सतह पर आ गई है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी हाईकमान इस पारिवारिक और राजनीतिक समीकरण को किस तरह साधता है।