मुंबई | लगातार दो सत्रों की तेजी के बाद गुरुवार को शेयर बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिली। केंद्रीय बजट से पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिसका असर बाजार पर साफ दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 560.49 अंक गिरकर 81,784.19 के स्तर पर आ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 135.70 अंक टूटकर 25,207.05 पर कारोबार करता दिखा।
सेंसेक्स की 30 प्रमुख कंपनियों में से कई शेयरों में दबाव रहा। मारुति सुजुकी के अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के नतीजे उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहने से इसके शेयरों में करीब तीन प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा एशियन पेंट्स, टाइटन, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), हिंदुस्तान यूनिलीवर और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी लाल निशान में रहे।
वहीं, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) के शेयरों में मजबूत तिमाही नतीजों के बाद तीन प्रतिशत से अधिक की तेजी देखने को मिली। टाटा स्टील, एनटीपीसी, पावर ग्रिड और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के शेयरों ने भी बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया।
एशियाई बाजारों की बात करें तो दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि जापान का निक्केई और चीन का एसएसई कंपोजिट नुकसान में रहे। अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार को लगभग स्थिर बंद हुए थे।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 1.08 प्रतिशत बढ़कर 69.14 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बुधवार को लंबे समय बाद शुद्ध खरीदार बने और उन्होंने 480.26 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने भी 3,360.59 करोड़ रुपये का निवेश किया।