करनाल। शहर के क्राउन प्लाजा क्षेत्र के पास एक अधिवक्ता के साथ सोना लूट की सूचना से शुक्रवार रात पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। डॉयल 112 पर दो बाइक सवार युवकों द्वारा करीब 15 तोले सोना लूटने की कॉल मिलने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस पूरी रात मामले की जांच में जुटी रही। हालांकि, जांच के दौरान यह मामला पूरी तरह फर्जी निकला।
सिविल लाइन थाना प्रभारी (एसएचओ) देवेंद्र कुमार ने बताया कि 29 जनवरी को मूल रूप से गांव धनाना और वर्तमान में बाग कोठी निवासी अक्षय ने डॉयल 112 पर फोन कर सूचना दी थी कि थाना क्षेत्र से कुछ ही दूरी पर क्राउन प्लाजा के पीछे गली में दो बाइक सवार युवकों ने उससे सोना लूट लिया है। शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि वह दिन में दो सोने की चेन खरीदकर लाया था और इसके अलावा गांव स्थित घर से कई सोने की अंगूठियां और कड़े लेकर जिला न्यायालय परिसर के चैंबर में गया था।
अधिवक्ता ने पुलिस को बताया कि देर शाम चैंबर से निकलकर जब वह क्राउन प्लाजा के पीछे की गली से गुजर रहा था, तभी उसके साथ लूट की वारदात हुई। सूचना मिलते ही पुलिस ने आसपास लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन घटनास्थल के आसपास शिकायतकर्ता के अलावा कोई संदिग्ध युवक नजर नहीं आया।
पुलिस द्वारा सख्ती से पूछताछ किए जाने पर अधिवक्ता ने लूट की झूठी सूचना देने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद उसने पुलिस को लिखित में भी बयान सौंपा। एसएचओ देवेंद्र कुमार ने बताया कि डॉयल 112 सेवा आम जनता की सुरक्षा और आपात स्थितियों के लिए है, इसका दुरुपयोग करना कानूनन अपराध है।
पुलिस ने डॉयल 112 की सुविधा का दुरुपयोग करने और पुलिस को गुमराह करने के आरोप में अधिवक्ता के खिलाफ कार्रवाई की है। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि आपात सेवाओं का सही और जिम्मेदारी से उपयोग करें, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को समय पर सहायता मिल सके।