पंचकूला | पिछले 38 दिनों से हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन के विद्यार्थियों द्वारा जारी धरने को कांग्रेस के पूर्व सांसद विजेंद्र सिंह ने समर्थन दिया। धरनास्थल पर पहुंचकर उन्होंने छात्रों से मुलाकात की और उनकी मांगों को न्यायसंगत मानते हुए राज्य सरकार पर कड़ी आलोचना की।
विजेंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा के युवाओं को उनके हक के लिए सड़कों पर संघर्ष करना पड़ रहा है, जबकि सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल घोषणाएं करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे पूरी तरह अलग है।
एचपीएससी कंप्यूटर साइंस भर्ती के परिणामों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 2019 में आयोजित भर्ती का रिजल्ट 2026 में घोषित होना सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है। उन्होंने यह भी कहा कि 1,700 पदों में से केवल 39 अभ्यर्थियों का चयन होना पूरी परीक्षा प्रक्रिया की दोषपूर्णता को दर्शाता है और ऐसी स्थिति में सरकार को परीक्षा को रद्द कर देना चाहिए था।
पूर्व सांसद ने सरकार के “बिना खर्चे, बिना पर्ची नौकरी” वाले दावे पर भी सवाल उठाया और कहा कि यह केवल एक नारा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार बिना खर्चे कोई काम नहीं करती।
राहुल गांधी के हालिया बयान से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए विजेंद्र सिंह ने कहा कि राहुल गांधी ने सिख समाज को ‘गद्दार’ नहीं कहा, बल्कि उनका इशारा उन व्यक्तियों की ओर था जो टिकट पाकर हार जाते हैं और फिर भी भाजपा द्वारा मंत्री बनाए जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिख समाज सम्मान और आत्मसम्मान में विश्वास करता है और ऐसे लोगों को समाज द्वारा सम्मान क्यों दिया जाए, इस पर विचार करना चाहिए।
विजेंद्र सिंह ने सरकार से एचपीएससी में अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने और विद्यार्थियों को न्याय दिलाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो कांग्रेस पार्टी छात्रों के साथ सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।