जींद। हाइड्रोजन ट्रेन के इंजन का तकनीकी ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। रेलवे के लिए इसे एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। ट्रायल के दौरान इंजन से जुड़े सभी प्रमुख सिस्टम संतोषजनक पाए गए, जिससे अब जल्द ही इसे ट्रैक पर उतारने की उम्मीद बढ़ गई है। रेलवे सूत्रों के अनुसार, 12 फरवरी के बाद हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रैक ट्रायल शुरू किया जा सकता है।
जानकारी के मुताबिक, पिछले सप्ताह इंदौर से आई विशेषज्ञों की टीम ने भंभेवा रेलवे स्टेशन के पास इंजन की तकनीकी जांच शुरू की थी। इस दौरान हाइड्रोजन इंजन की कार्यप्रणाली, सुरक्षा प्रणाली, प्रेशर कंट्रोल, गैस सप्लाई और इलेक्ट्रिक कंट्रोल सिस्टम की गहन जांच की गई। टीम ने विभिन्न परिस्थितियों में इंजन को स्टार्ट और शटडाउन कर उसके प्रदर्शन को भी परखा।
ट्रायल के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी खामी सामने नहीं आई, जिसे रेलवे अधिकारियों ने सकारात्मक संकेत बताया है। तकनीकी ट्रायल पूरा होने के बाद अब अगले चरण में ट्रैक ट्रायल की तैयारी की जा रही है। इसमें ट्रेन को सीमित गति से चलाकर ब्रेकिंग सिस्टम, स्पीड कंट्रोल और ट्रैक पर स्थिरता की जांच की जाएगी।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यदि ट्रैक ट्रायल भी सफल रहता है, तो 12 फरवरी के बाद नियमित ट्रायल रन शुरू किए जा सकते हैं। हालांकि, अंतिम निर्णय उच्च अधिकारियों को भेजी जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।
रेलवे के अनुसार, हाइड्रोजन ट्रेन पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल है। यह डीजल इंजन की तुलना में कम शोर करती है और इससे कार्बन उत्सर्जन लगभग शून्य के बराबर होता है। इसी वजह से भारतीय रेलवे भविष्य में इस तकनीक को अन्य रूटों पर भी लागू करने की योजना बना रहा है।