पानीपत। प्रेम सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग ने एक जटिल और गंभीर मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए चार वर्षीय बच्ची की आंत में फंसी तीन सेंटीमीटर लंबी कील को बिना सर्जरी एंडोस्कोपी की मदद से सुरक्षित निकाल लिया। यह मामला सेक्टर 13-17 निवासी चार वर्षीय अमाइरा से जुड़ा है, जिसने खेलते समय गलती से कील निगल ली थी।
कील निगलने के कुछ समय बाद बच्ची को तेज पेट दर्द शुरू हो गया और उसकी हालत लगातार बिगड़ने लगी। परिजन उसे उपचार के लिए पहले तीन अलग-अलग अस्पतालों में ले गए, लेकिन कील के आंत में फंसने और स्थिति जटिल होने के कारण वहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन की आशंका जताई और इलाज करने में असमर्थता जाहिर की। बच्ची की बढ़ती तकलीफ को देखते हुए परिजनों ने उसे प्रेम सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया।
अस्पताल पहुंचते ही वरिष्ठ गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. माधव और उनकी टीम ने तुरंत जांच शुरू की और एक्स-रे करवाया। रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि कील आंत में फंसी हुई है और किसी भी समय आंत को नुकसान पहुंचाकर गंभीर संक्रमण या जानलेवा स्थिति पैदा कर सकती थी।
डॉक्टरों ने तुरंत निर्णय लेते हुए बिना सर्जरी एंडोस्कोपी प्रक्रिया अपनाई। अत्यधिक सावधानी के साथ एंडोस्कोपी उपकरण के जरिए कील को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। सफल प्रक्रिया के बाद बच्ची की हालत में तेजी से सुधार हुआ और दर्द भी कम हो गया।
डॉक्टरों के अनुसार यदि समय रहते इलाज न होता तो बच्ची को गंभीर जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता था। उपचार के बाद केवल एक दिन में बच्ची पूरी तरह स्वस्थ हो गई और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल प्रबंधन ने इसे आधुनिक चिकित्सा तकनीक और डॉक्टरों की दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।