मुंबई। मुंबई महानगरपालिका के इतिहास में पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने महापौर पद पर कब्जा जमाया है। भाजपा की पार्षद रितु तावड़े को निर्विरोध मेयर चुना गया, जबकि संजय घाड़ी को उपमहापौर नियुक्त किया गया। शिवसेना (यूबीटी) द्वारा महापौर पद के लिए उम्मीदवार न उतारने के बाद यह चुनाव निर्विरोध संपन्न हुआ।
इस घटनाक्रम के साथ ही मुंबई के सबसे समृद्ध नगर निकाय पर ठाकरे परिवार का करीब 25 वर्षों से चला आ रहा वर्चस्व समाप्त हो गया। राजनीतिक गलियारों में इसे महाराष्ट्र की नगर निगम राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
रितु तावड़े घाटकोपर पश्चिम से तीन बार की पार्षद रह चुकी हैं। उन्हें स्थानीय प्रशासन और जनसेवा के क्षेत्र में लंबा अनुभव माना जाता है। भाजपा नेताओं के अनुसार तावड़े जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने वाली नेता हैं और नगर प्रशासन से जुड़े कार्यों में उनकी पकड़ मजबूत रही है।
227 सदस्यीय बीएमसी में हुए चुनावों में भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। वहीं उसकी सहयोगी शिवसेना ने 29 सीटें जीतीं। महायुति गठबंधन के पास कुल 118 पार्षदों का समर्थन होने के कारण महापौर पद पर भाजपा की जीत तय मानी जा रही थी।
वहीं शिवसेना (यूबीटी), जिसने वर्ष 1997 से करीब 25 वर्षों तक बीएमसी पर शासन किया था, इस बार 65 सीटों पर सिमट गई। इसके अलावा महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने 6 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) ने 1 सीट हासिल की। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार बीएमसी में भाजपा की यह जीत मुंबई की राजनीति में नई दिशा तय कर सकती है।