नई दिल्ली | केरल के कोल्लम में सबरीमाला सोना चोरी मामले में त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के पूर्व अध्यक्ष और कमिश्नर एन वासु को जमानत मिल गई। विजिलेंस कोर्ट ने यह राहत तब दी जब विशेष जांच दल (SIT) 90 दिनों के भीतर आरोप पत्र दाखिल करने में असफल रहा।
एसआइटी की देरी के चलते कानून के तहत एन वासु वैधानिक जमानत के हकदार बन गए। उन्हें 11 नवंबर 2024 को गिरफ्तार किया गया था। सोने की प्लेटों में कथित गड़बड़ी और चोरी से जुड़े मामले में एन वासु अब तक जमानत पाने वाले पाँचवें आरोपी हैं। इससे पहले मुख्य आरोपित उन्नीकृष्णन पोट्टी और मुरारी बाबू को भी अदालत से जमानत मिल चुकी है।
इस फैसले के बाद वासु को आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जेल से रिहा किया जाएगा। एन वासु माकपा (सीपीआइ-एम) से जुड़े नेता भी हैं।
कोर्ट ने मामले में यह स्पष्ट किया कि SIT की चार्जशीट समय पर दाखिल न करने की वजह से आरोपित को कानूनी राहत मिलती है। मामला अब भी जांच के अधीन है, और आगे की कार्यवाही अदालत और SIT की रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।