धर्मशाला। उपमंडल देहरा के चनौर स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला में 55 वर्षीय मिड-डे मील वर्कर सुलोचना देवी की हत्या ने पूरे इलाके को दहलाया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह हत्या पैसों के लेन-देन को लेकर हुए विवाद का परिणाम थी। मृतक महिला का बेटा अजय कुमार और आरोपी राकेश कुमार टेंट का व्यवसाय करते थे और उनके बीच वित्तीय लेन-देन को लेकर लगातार कहासुनी हो रही थी।
जानकारी के अनुसार, 13 फरवरी को दोपहर को आरोपी राकेश कुमार ने दीवार फांदकर स्कूल में प्रवेश किया और सुलोचना देवी पर दराट से पांच बार वार किया। हमले के तुरंत बाद महिला की मौत हो गई। घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने राकेश को गिरफ्तार किया और मृतक महिला के बेटे व आरोपी के मोबाइल फोन को जांच के लिए कब्जे में लिया। मोबाइल फोन फोरेंसिक लैब धर्मशाला भेजे जाएंगे ताकि दोनों के बीच हुई बातचीत का तथ्यात्मक विवरण प्राप्त किया जा सके।
पुलिस अधीक्षक देहरा मयंक चौधरी ने बताया कि आरोपी को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कांगड़ा की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने घटना की गंभीरता को देखते हुए राकेश कुमार को 17 फरवरी तक पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश दिए हैं। मृतक महिला का पोस्टमार्टम डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा में किया गया।
शिक्षा उपनिदेशक (सेकेंडरी) कमलेश ठाकुर ने घटना के बाद स्कूल का दौरा कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि शिक्षकों ने किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती और सभी को सतर्क रहने के निर्देश दिए।
पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। प्रारंभिक संकेतों से यह स्पष्ट है कि हत्या का कारण पैसों के लेन-देन को लेकर हुए विवाद और आपसी नाराजगी थी। आरोपी और मृतक परिवार के बीच मोबाइल पर हुई कहासुनी इस घटना को भड़काने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।