चंडीगढ़। हरियाणा में शिक्षा का अधिकार अधिनियम का उल्लंघन करने वाले निजी स्कूलों पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि निर्धारित समय सीमा तक जुर्माना जमा नहीं करने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी जाएगी।
जानकारी के अनुसार, सितंबर माह में मौलिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के 1970 निजी स्कूलों पर कार्रवाई करते हुए 30 हजार से 70 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया था। इन स्कूलों पर आरोप है कि इन्होंने आरटीई के तहत गरीब और जरूरतमंद बच्चों को दाखिला नहीं दिया, साथ ही मान्यता से संबंधित जरूरी दस्तावेज भी समय पर विभागीय पोर्टल पर अपलोड नहीं किए।
हालांकि विभाग के आदेश के बावजूद अधिकतर स्कूल संचालकों ने जुर्माना जमा नहीं कराया। इसके बाद अब शिक्षा विभाग ने अंतिम चेतावनी जारी करते हुए 17 फरवरी तक जुर्माना भरने की अंतिम तारीख तय कर दी है। विभाग ने कहा है कि इसके बाद जुर्माना नहीं भरने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उनकी मान्यता समाप्त कर दी जाएगी।
मौलिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे स्कूलों की पहचान कर सख्त कदम उठाएं, जिन्होंने दाखिला प्रक्रिया के दौरान आरटीई के तहत गरीब बच्चों के लिए आरक्षित सीटों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की।
शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि आरटीई नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।